वाराणसी। प्रयागराज के झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) में मुकदमा दर्ज होने के बाद शंकाराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteshwarananda Saraswati) ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि अनुमान था कि प्रहार होगा, लेकिन इतना नीच प्रहार होगा, इसकी कल्पना नहीं थी। वह भी देख लिया जा रहा है कि गौ हत्यारे (Cow Killer) कितनी नीचता पर जा सकते है। योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) जैसे लोग कितनी नीचता पर जा सकते हैं? यह दिख रहा है, धर्म युद्ध शुरू हो चुका है बम गोला सामने से आ रहा है।
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शंकराचार्य ने आरोप लगाने वाले व्यक्ति की मंशा वाले सवाल पर कहा हिस्ट्रीशीटर है। वह जिसकी लंबी अपराध की सूची है वह खुला घूम रहा है। जगद्गुरु का शिष्य बना घूम रहा है उसके ऊपर पुलिस काम नहीं करती। इसका मतलब पुलिस अपराधियों को खुला छोड़ दे रही है और सज्जन को बंधन है। पहले भी हमारे प्राचीन समय में मारीच ताड़का मारीच जैसे राक्षसों ने विश्वामित्र के यज्ञ में बाधा डाली थी, तब दशरथ जी से राम लक्ष्मण मांग कर विश्वामित्र जी ने लाया था। सैकड़ों अधिवक्ताओं और लोगों का हमें समर्थन मिला है क्योंकि उनके अंदर पीड़ा है।
हमने यह धर्म युद्ध शुरू किया है जो अब रुकेगा नहीं- शंकराचार्य
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का नाम लेकर कुछ लोग कितनी नीचता पर चले गए हैं, इसीलिए हमने यह धर्म युद्ध शुरू किया है जो अब रुकेगा नहीं। वहीं शंकराचार्य ने खुद की तुलना सत्य से की उन्होंने कहा कि हम सूर्य हैं इसलिए नहीं क्योंकि हमें अभिमान है बल्कि इसलिए क्योंकि हमने सत्य को पकड़ा है।सूरज सत्य के समान है जिसकी आभा को कोई ढक नहीं सकता।
यौन शोषण आरोप में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwarananda Saraswati) ने गिरफ्तारी की आशंका के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई करती है तो भी वे किसी तरह का कोई विरोध नहीं करेंगे और पूरी तरह सहयोग करेंगे। उनका कहना है कि जनता सब देख रही है और सच्चाई सामने आकर रहेगी। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं और समय के साथ यह कहानी गलत साबित होगी। उन्होंने दावा किया कि वे मीडिया के कैमरों की पहुंच में थे और प्रयागराज में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनके मुताबिक, प्रशासन ने वॉर रूम से निगरानी की व्यवस्था की है, ऐसे में पूरी घटना कैमरों में रिकॉर्ड हुई होगी।
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उन्होंने कहा कि जिन लड़कों का नाम इस मामले में लिया जा रहा है, वे कभी उनके गुरुकुल में न तो पढ़े और न ही वहां आए। उन्होंने दावा किया कि वे छात्र हरदोई के एक स्कूल से जुड़े हैं और उनकी मार्कशीट भी केस में जमा की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनका गुरुकुल से कोई संबंध नहीं है। स्वामी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी कथित सीडी का जिक्र किया जा रहा है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ये सभी सवाल उठेंगे और संबंधित पक्षों को जवाब देना होगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से काम कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि तथ्यों को समझें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
आपको बता दें अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज होने के साथ ही पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस ने जहां शनिवार देर रात कोर्ट के आदेश पर नामजद एफआईआर दर्ज की, वहीं दूसरे दिन रविवार को शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी से मुलाकात कर महत्वपूर्ण जानकारी लेते हुए साक्ष्य संकलन किया। जल्द ही अविमुक्तेश्वरानंद के कानूनी शिकंजे में आने की आशंका बढ़ गई है।
माघ मेला 2026 में मौनी अमावस्या स्नान पर्व के दिन संगम में काफिले के साथ स्नान करने जाते समय अविमुक्तेश्वरानंद को घंटों रोका गया था। इस दौरान उनके शिष्यों के साथ पुलिस की हाथापाई व नोकझोंक का वीडियो भी खूब वायरल हुआ था। इसके विरोध में कई दिनों तक अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठे रहे। उधर, आशुतोष ब्रह्मचारी ने मौनी अमावस्या के दिन ही अविमुक्तेश्वरानंद व उनके शिष्यों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए झूंसी थाने में तहरीर दी थी। उस वक्त से चला आ रहा विवाद लगातार जारी है।
माघ मेला के आखिरी दिनों में आशुतोष ब्रह्मचारी (Ashutosh Brahmachari) ने अविमुक्तेश्वरानंद और उसके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी (Mukundanand Brahmachari) समेत अन्य पर नाबालिग बटुकों का यौन शोषण (Sexual abuse) करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय में याचिका दायर की। यहां तक कि कथित यौन शोषण (Sexual abuse) के पीड़ित बटुकों का बयान तक दर्ज कराया। कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में बीएनएस की धारा 351(3) और लैंगिक अपराधों की विभिन्न धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।