डिजिटल डेस्क। Japan की सरकार घटती जनसंख्या की गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक अनोखी योजना लेकर आई है। अब युवाओं को डेटिंग ऐप्स इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसके लिए सरकार आर्थिक सहायता भी दे रही है। मकसद साफ है—युवाओं को रिश्तों, शादी और परिवार की ओर प्रेरित करना। जापान के Kochi Prefecture ने ‘मीटिंग सपोर्ट प्रोजेक्ट ग्रांट’ नाम की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अविवाहित युवाओं को डेटिंग ऐप्स के जरिए एक-दूसरे से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार चाहती है कि युवा इन प्लेटफॉर्म्स पर एक-दूसरे को जानें, रिश्ते बनाएं और आगे चलकर शादी करें।
पढ़ें :- क्या अकेला पड़ा अमेरिका? 10 सबसे बड़े सहयोगी ने डोनॉल्ड ट्रंप को दिखाया ठेंगा, जंग से बनाई दूरी, युद्ध ने बदला दुनिया का समीकरण
दरअसल, जापान में युवाओं के बीच रिश्तों और शादी को लेकर उदासीनता लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे बढ़ती महंगाई, बदलती जीवनशैली, करियर पर बढ़ता फोकस और आर्थिक अस्थिरता जैसी बड़ी वजहें मानी जा रही हैं। कई युवा शादी और बच्चे पैदा करने से बच रहे हैं, जिससे देश की जनसंख्या लगातार घट रही है। इस योजना के तहत 20 से 39 साल के योग्य अविवाहित युवाओं को सालाना 20,000 येन यानी करीब 11,752 रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। यह राशि डेटिंग ऐप्स पर रजिस्ट्रेशन और सब्सक्रिप्शन के खर्च के लिए दी जाएगी, ताकि युवाओं के लिए इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल आसान हो सके।
यह योजना 1 अप्रैल 2026 से लागू की गई है। सरकार को उम्मीद है कि इससे अधिक युवा सक्रिय रूप से रिश्तों की ओर बढ़ेंगे और शादी के लिए प्रेरित होंगे, जिससे भविष्य में जनसंख्या वृद्धि में मदद मिलेगी। सरकार सिर्फ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स तक ही सीमित नहीं है। जो संस्थाएं ऑफलाइन तरीके से लोगों को मिलाने का काम करती हैं, उन्हें भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। ऐसे आयोजनों के जरिए युवाओं को आमने-सामने मिलने का मौका मिलेगा, जिससे रिश्ते मजबूत होने और शादी तक पहुंचने की संभावना बढ़ेगी।
जापान में लगातार गिरती जन्मदर सरकार के लिए बड़ी चिंता बन चुकी है। साल 2025 में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या लगभग 7 लाख रही, जो कई दशकों में सबसे कम मानी जा रही है। इसके साथ ही जापान दुनिया के सबसे तेजी से वृद्ध हो रहे देशों में भी शामिल है। साल 2024 में 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों की संख्या 3.6 करोड़ से ज्यादा हो गई, जो कुल आबादी का लगभग 29 प्रतिशत है। युवा आबादी के घटने और बुजुर्गों की संख्या बढ़ने से देश के आर्थिक और सामाजिक संतुलन पर गहरा असर पड़ रहा है। यही वजह है कि अब जापान सरकार ऐसे नए प्रयोग कर रही है, जिससे युवा शादी और परिवार की ओर फिर से आकर्षित हो सकें।