नई दिल्ली। टीम इंडिया (Team India) के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jaspreet Bumrah) का चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) तक पीठ की चोट से रिकवर होना मुश्किल दिख रहा है। वे इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज का एक भी मैच नहीं खेल पाएंगे। BCCI के सूत्र ने बताया कि अगर वे फिट नहीं हो पाए तो उनकी जगह हर्षित राणा (Harshit Rana) को स्क्वॉड में शामिल किया जा सकता है।
पढ़ें :- IND vs NZ Live : न्यूजीलैंड को पहले ओवर में लगा बड़ा झटका, हार्दिक ने कॉनवे का कैच पकड़ा, एक रन बनाकर आउट
बता दें कि बुमराह को इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी वनडे मैच के लिए टीम में रखा गया है। यह मुकाबला 12 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। इधर, बुमराह सोमवार को बैक इंजरी की जांच कराने के लिए बेंगलुरु पहुंच चुके हैं। वे 2-3 दिन तक BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मेडिकल टीम की निगरानी में रहेंगे। बुमराह की फिटनेस पर काम चल रहा है, यदि वे समय पर फिट हो जाते हैं, तो टीम में बने रहेंगे। ICC ने स्क्वॉड में बदलाव के लिए 11 फरवरी तक की डेटलाइन तय की है। चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) में भारत का पहला मैच बांग्लादेश से 20 फरवरी को खेला जाएगा।
बुमराह सिडनी टेस्ट की पहली पारी में कुछ ही ओवर डाल सके थे। वे पीठ में दर्द के कारण बाहर चले गए थे। इस सीरीज की 9 पारियों में बुमराह ने 32 विकेट लिए थे। वे सीरीज के हाईएस्ट विकेट टेकर और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट थे। चैंपियंस ट्रॉफी टीम में शामिल हैं बुमराह भारत की सिलेक्शन कमेटी ने 18 जनवरी को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोटिल हुए जसप्रीत बुमराह को भी टीम में शामिल किया गया था। सिलेक्शन कमेटी ने बुमराह के बैकअप के लिए अर्शदीप सिंह को रखा था।
बुमराह टी-20 वर्ल्ड कप 2024 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे बुमराह ने 2023 एशिया कप में चोट से वापसी की थी। वे 2023 में वनडे वर्ल्ड कप और 2024 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने टी-20 वर्ल्डकप में टूर्नामेंट के 8 मैचों में कुल 15 विकेट हासिल किए थे। फाइनल में भी उन्होंने रीजा हेंड्रिक्स और मार्को यानसन के अहम विकेट लिए थे। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी मिला था। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट की ट्रॉफी के साथ जसप्रीत बुमराह (Jaspreet Bumrah)। उन्होंने 8 मैचों में 15 विकेट झटके थे।