Kajari Teej 2024 : कजरी तीज के दिन भगवान शिव के साथ मां पार्वती और तीज माता की पूजा की जाती है। मान्यता है कि कजरी तीज का व्रत करने से पति की आयु लंबी होती है और वैवाहिक जीवन भी सुखी रहता है। प्रत्येक भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को कजरी तीज मनाया जाता है। अविवाहित कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए कजरी तीज का उपवास कर सकती हैं। कजरी तीज के मौके पर गांवों, मोहल्लों में खेलों का आयोजन किया जाता है। परंपरा के अनुसार, इस दिन लोग एक दूसरे को उपहार देते है। घरों में पकवान बनाया जाता है। इस कजरी तीज को कजली तीज, बूढ़ी तीज, सातुढ़ी तीज भी कहा जाता है।
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कजरी तीज मुहूर्त
कजरी तीज – 22 अगस्त 2024
पूजा मुहूर्त – सुबह 05.54 – सुबह 07.32
शाम का मुहूर्त – शाम 06.53 – रात 08.16
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सबसे पहला कजरी तीज व्रत देवी पार्वती ने रखा था। इस व्रत का पालन करने से वैवाहिक महिलाओं को प्रेम और सुखी दाम्पत्य जीवन की प्राप्ति होती है। इस दिन रात में चन्द्रमा की पूजा की जाती है और हाथ में गेहूं रखकर चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है।
कजरी तीज पूजा सामग्री लिस्ट
दीपक, घी, तेल, कपूर, अगरबत्ती, पीला वस्त्र, हल्दी, चंदन, श्रीफल,गाय का दूध, गंगाजल, दही, मिश्री, शहद, पंचामृत, कच्चा सूता, नए वस्त्र, केला के पत्ते, बेलपत्र, शमी के पत्ते, जनेऊ, जटा नारियल, सुपारी, कलश, भांग, धतूरा, दूर्वा घास आदि पूजा सामग्रियां। माता पार्वती के लिए हरे रंग की साड़ी, चुनरी, बिंदी, चूडियां, कुमकुम, कंघी, बिछुआ, सिंदूर और मेहंदी आदि सुहाग की चीजें।