नई दिल्ली। कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र (Karnataka Minister B. Nagendra) ने महार्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम (Maharshi Valmiki Scheduled Tribe Development Corporation) में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में मंत्रिमंडल से इस्तीफे का एलान कर दिया। उन पर लंबे समय से पद छोड़ने का दबाव था। भाजपा (BJP) लगातार उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग कर रही थी। नागेंद्र ने कहा कि उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ने का फैसला किया है, ताकि दल को शर्मिंदगी का सामना न करना पड़े। उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा और खुद को उसकी ‘मनुवादी राजनीति’ (Manuvadi politics) का शिकार बताया।
पढ़ें :- 'बिटिया और बहना-यूपी का गहना' स्नेह बंधन कार्यक्रम, बेटियों की मुस्कान से खिल उठा सीएम योगी का 'आंगन'
यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि जिस निगम में कथित गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, वह अनुसूचित जनजातियों के विकास से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, निगम के धन को अलग-अलग खातों में भेजे जाने के आरोपों की जांच हुई है। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है।