Kedarnath Dham : पवित्र तीर्थ स्थल केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रशासन एक सख्त कदम उठाने जा रहा है। केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) के मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरे के प्रयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी तेज़ हो गई है। बद्री-केदार मंदिर समिति (Badri-Kedar Temple Committee) और रुद्रप्रयाग प्रशासन संयुक्त रूप से ऐसा तंत्र बना रहे हैं, जिसके तहत नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना (Fine) लगाया जाएगा।
पढ़ें :- Shukra Uday February 2026 : माघ पूर्णिमा पर शुक्रदेव का उदय , मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त भी मिलेंगे
केदारनाथ धाम में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, पिछले कुछ सालों में मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन ले जाकर फोटो, वीडियो और रील बनाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे मंदिर की परंपरा व गरिमा (The tradition and dignity of the temple) प्रभावित होने के साथ-साथ दर्शन के लिए लाइन में खड़े अन्य श्रद्धालुओं को भी असुविधा होती है। कई बार भीड़ का प्रवाह बाधित होता है और सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। इन समस्याओं को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर (Temple complex) में मोबाइल और कैमरे के इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगाने का फैसला लिया है। जिसके बाद अगर कोई व्यक्ति नियम को तोड़ते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल या कैमरा प्रयोग करते हुए पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रतीक जैन के अनुसार, “मंदिर समिति के साथ मिलकर मोबाइल बैन को लेकर ठोस योजना तैयार की जा रही है। मंदिर परिसर में मोबाइल का प्रयोग अन्य श्रद्धालुओं को परेशान करता है। इस बार नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगेगा।”
वहीं बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवान ने कहा कि समिति की बैठक में मोबाइल बैन करने का फैसला लिया गया है। श्रद्धालु आस्था के साथ दर्शन करने के लिए आते हैं, लेकिन कुछ लोगों की वजह से व्यवस्था प्रभावित होती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
गौरतलब है कि केदारनाथ धाम में पहले भी मंदिर परिसर में मोबाइल प्रयोग और रील्स बनाने पर रोक लगाने की कोशिशें की गई थी, लेकिन यह पूरी तरह सफल नहीं हो पाई। जिसे देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति इस बार पहले से तैयारी कर रही है, ताकि यात्रा सीजन शुरू होने से पहले नियमों को प्रभावी ढ़ंग से लागू किया जा सके।