नई दिल्ली। केरल उच्च न्यायालय (Kerala High Court) की खंडपीठ ने शुक्रवार को फिल्म द केरला स्टोरी-2 गोज बियॉन्ड (The Kerala Story 2 Goes Beyond) की रिलीज पर लगी रोक हटा ली। न्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति पीवी बालाकृष्णन (Justice SA Dharmadhikari and Justice PV Balakrishnan) की उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस की एकल पीठ द्वारा पारित अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी, जिसने 15 दिनों के लिए रिलीज पर रोक लगा दी थी।
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केरल उच्च न्यायालय ने 26 फरवरी को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (Central Board of Film Certification) को फिल्म द केरला स्टोरी-2 की मंजूरी को फिर से देखने और पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था, क्योंकि दावा किया गया था कि फिल्म में नफरत फैलाने वाली सामग्री है। केरल हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर 15 दिन की अंतरिम रोक भी लगा दी थी। फिल्म के कुछ दृश्यों पर कथित रूप से नफरत भड़काने और सांप्रदायिक सद्भाव को खतरा पैदा करने के बारे में चिंता जताने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सीबीएफसी के पहले के फैसले की भी जांच की। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बेंच ने बोर्ड को फिल्म के विवादित हिस्सों की दोबारा जांच करने का आदेश दिया। CBFC को एक रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया गया है जिसमें यह साफ किया जाएगा कि क्या विवादित बातें किसी खास समुदाय का अपमान हैं। फिल्म द केरला स्टोरी-2 दो साल पहले 2023 में आई नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म द केरला स्टोरी का सीक्वल है। फिल्म में तीन जवान लड़कियों की ज़िंदगी पर आधारित है, जो फिल्म के मुताबिक धोखे वाली शादियों में पड़ जाती हैं और कथित तौर पर जबरन धर्म बदलने का सामना करती हैं। जब से सीक्वल का ट्रेलर रिलीज़ हुआ है, फिल्म को हर तरफ से कड़े रिएक्शन मिल रहे हैं और कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे प्रोपेगैंडा कहकर बुराई की है। जबकि फिल्म बनाने वालों का कहना है कि यह रिसर्च की गई असल ज़िंदगी की घटनाओं पर आधारित है। पहले रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि कोर्ट के दखल के बाद फिल्म का टीज़र हटा दिया गया था। हालांकि,मेकर्स ने इन दावों से इनकार किया है।