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केरल के कानून मंत्री पी राजीव ने सबरीमाला मंदिर के तंत्री को जमानत मिलने पर जताई चिंता, कोर्ट के आदेश के बताया फाइनल फैसले जैसा

By Satish Singh 
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नई दिल्ली। केरल के कानून मंत्री पी राजीव ने सबरीमाला मंदिर के तंत्री को ज़मानत देने के कोल्लम कोर्ट के फ़ैसले पर चिंता जताई है। उन्होंने ऑर्डर को अजीब और फ़ाइनल फ़ैसले जैसा बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (Special Investigation Team) की जांच की निगरानी कर रहा है और सरकार इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील कर रही है। सरकार को कोई राय देने की ज़रूरत नहीं है। कोल्लम कोर्ट का फ़ैसला फ़ाइनल फ़ैसले जैसा था। ऑर्डर का तरीका सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले जैसा था। तंत्री को ज़मानत देने वाले ऑर्डर में कुछ अजीब बात है। सबरीमाला सोना चोरी का मामला पवित्र मंदिर की चीज़ों से लगभग 4.54 किलोग्राम सोने की हेराफेरी के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें श्रीकोविल के दरवाज़े के फ्रेम और द्वारपालक की मूर्तियां शामिल हैं। कहा जा रहा है कि यह चोरी 2019 में मंदिर के स्ट्रक्चर को रिफिनिश करने और उन पर फिर से सोने की परत चढ़ाने के बहाने हुई थी।

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बता दे कि यह विवाद 1998 में इंडस्ट्रियलिस्ट विजय माल्या के दान से शुरू हुआ, जिन्होंने सबरीमाला अयप्पा मंदिर में सोने की परत चढ़ाने और क्लैडिंग के लिए 30.3 किलोग्राम सोना और 1,900 किलोग्राम तांबा दान किया था। बाद में जांच और कोर्ट की निगरानी में हुई पूछताछ में दान किए गए सोने और कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मात्रा में अंतर सामने आया। कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने भी तंत्री कंदारारू राजीवारू की गिरफ्तारी और जेल में डालने पर सवाल उठाए। यहां मीडियाकर्मियों से बात करते हुए चेन्निथला ने कहा कि यह पूरे केरल समुदाय के लिए एक झटका है। तंत्री कंदारारू राजीवारू भगवान अयप्पा के प्रतिनिधि हैं। बिना किसी सबूत के, वह उन्हें कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं और 41 दिनों के लिए जेल में डाल सकते हैं। सीनियर कांग्रेस लीडर ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में मुख्यमंत्री का ऑफिस शामिल है। उन्होने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री के ऑफिस के इस तरह की एक्टिविटी में शामिल होने का शक है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्री राजीव ने हेल्थ मिनिस्टर के घर पर हुए प्रोटेस्ट पर भी कमेंट करते हुए कहा कि हेल्थ मिनिस्टर एक महिला हैं। उनके घर पर फूल चढ़ाना प्रोटेस्ट का सही तरीका नहीं है। क्या प्राइवेट अस्पतालों में भी कमियां नहीं होतीं। अगर कोई कमी होती है, तो एक्शन लिया जाएगा।

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