Kharmas End 2026 : सनातन धर्म में खरमास के दौरान शुभ कार्य करने की मनाही है। इस अवधि में शुभ कार्यों को करना वर्जित माना गया है। खरमास में सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, नामकरण और शादी-विवाह जैसे शुभ काम नहीं किए जाते। हिंदू पंचांग के अनुसार, खरमास 14 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही एक महीने से रुके हुए सभी शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत फिर से हो जाएगी।
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15 अप्रैल से देशभर में शादी-विवाह, गृह प्रवेश, जनेऊ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत का सिलसिला दोबारा तेज हो जाएगा।
सबसे ज्यादा मुहूर्त मई और जून में
साल 2026 में कुल 57 दिन विवाह के लिए शुभ बताए गए है। इनमें सबसे ज्यादा मुहूर्त मई और जून में हैं। मई में करीब 11 दिन और जून में 12 दिन। वहीं अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में शादी-विवाह के लिए कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं रहेगा।
मेष संक्रांति से बदल जाएगी स्थिति
14 अप्रैल को सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे मेष संक्रांति कहा जाता है। ज्योतिष में मेष राशि में सूर्य को उच्च माना गया है, इसलिए इस दिन के बाद से शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय शुरू हो जाता है।
विवाह के शुभ मुहूर्त
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अप्रैल में विवाह के शुभ मुहूर्त
खरमास खत्म होते ही अप्रैल में 15, 20 और 29 तारीख को विवाह के अच्छे योग बन रहे हैं।
मई में विवाह के शुभ मुहूर्त
मई महीने में 1, 4, 11, 13 और 14 तारीख को शुभ मुहूर्त हैं।
जून में विवाह के शुभ मुहूर्त
जून में 17, 24, 25 और 27 तारीख को विवाह के लिए उपयुक्त समय रहेगा।
जुलाई में विवाह के शुभ मुहूर्त
वहीं, जुलाई में 1, 2, 4 और 15 तारीख को शादी के लिए अच्छे दिन बताए गए हैं।