नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मणिपुर में जातीय संघर्ष के कारण आंतरिक रूप से विस्थापित लगभग 18,000 लोगों के लिए आगामी लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) में मतदान की सुविधा की मांग करने वाली याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया।
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मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ (Chief Justice DY Chandrachud) , न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि इस अदालत का हस्तक्षेप, विशेष रूप से इस विलंबित चरण में, मणिपुर के लिए लोकसभा के आगामी आम चुनावों के संचालन में महत्वपूर्ण बाधाएं पैदा करेगा।
पीठ ने कहा कि आप अंतिम समय में आये हैं। इस स्तर पर, वस्तुतः क्या किया जा सकता है? हम इस स्तर पर हस्तक्षेप नहीं कर सकते है। वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कहा कि 18,000 आंतरिक रूप से विस्थापित लोग हैं। वे मणिपुर में चुनाव में मतदान करना चाहते हैं।