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शिव भक्ति में डूबे भक्त गण इस पर्व पर भोलेनाथ को गेंदा, चमेली, गुलाब, मोगरा और कमल जैसे ताजे फूलों को अर्पित करते है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को रुद्राक्ष की माला या माला चढ़ाना शुभ और फलदायक माना जाता है। शिवलिंग पर धतूरा, भांग भी अर्पित करना बहुत शुभ जाता है।
धार्मिक ग्रथों में वर्णित है कि गंगाजल की मात्र एक बूंद से भी भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया जा सकता है। महाशिवरात्रि के दिन पूजा में पहले शिवलिंग का जलाभिषेक करें और इसके बाद शिव जी को चंदन, पुष्प, बेलपत्र, फल, धतूरा आदि अर्पित करें।
शिव पूजा में शिवलिंग पर धतूरा अर्पित करना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय निकले विष का प्रभाव कम करने के लिए देवताओं ने भगवान शिव को धतूरा और भांग अर्पित की थी, जिससे वे प्रसन्न होते हैं। यह भक्त के अहंकार, क्रोध और नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीक है।
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव जी की पूजा करते समय भूलकर भी काला वस्त्र धारण न करें। भगवान शिव का पूजन सफेद या फिर लाल, पीला, केसरिया, आसमानी आदि रंग का पहन कर करें।