नई दिल्ली। आपका स्मार्टफोन आपकी जानकारी के बिना गूगल (Google) को लगातार ट्रैक कर रहा है। ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन (Trinity College Dublin) की एक नई रिसर्च (New Research) ने स्मार्टफोन प्राइवेसी (Smartphone Privacy) पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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जानिए आखिर क्या है पूरा मामला?
बता दें कि डबलिन के ट्रिनिटी कॉलेज (Trinity College) की एक रिसर्च में पाया गया कि एंड्रॉयड स्मार्टफोन बैकग्रांउड (Android Smartphone Background Activity) में लगातार सक्रिय रहते हैं और हर 4.5 मिनट में गूगल (Google) को डाटा भेजते (Sending Data Every 4.5 Minutes) भेजते हैं। यह डाटा तब भी शेयर होता है जब आपका फोन लॉक होता है या जब आप उसे बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता है। हालांकि इसे पूरी तरह रोकना थोड़ा सा कठिन है, लेकिन कुछ सेटिंग्स में बदलाव करके आप गूगल (Google) को भेजे जाने वाले डाटा की मात्रा को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
स्टेप्स में जानें अपनी प्राइवेसी बचाने का तरीका?
टिप्सटर नव तूर (Nav Toor) की ओर से साझा की गई जानकारी के आधार पर आप अपने फोन की इन सेटिंग्स बदलकर इससे बच सकते हैं:
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Your Android phone is sending data to Google every 4.5 minutes.
Even when you're not touching it. Even when the screen is off.
A peer-reviewed study from Trinity College Dublin confirmed it.
12 settings to change right now:
— Nav Toor (@heynavtoor) April 12, 2026
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वाई-फाई और ब्लूटूथ स्कैनिंग
अधिकतर यूजर्स को लगता है वाई-फाई बंद करने से हम सुरक्षित हैं, लेकिन फोन बैकग्राउंड में लोकेशन ट्रैक करने के लिए वाई-फाई और ब्लूटूथ नेटवर्क (Bluetooth Network) को स्कैन करता रहता है। इसके लिए आपको सबसे पहले अपनी फोन की लोकेशन सर्विस में जाना होगा, और उसके बाद वहां पर वाई-फाई स्कैनिंग (Wi-Fi Scanning) और ब्लूटूथ को ऑफ कर दें।
Usage and Diagnostics को बंद करें
यह सेटिंग डिफॉन्ट रूप से अधिकतर एंड्रॉयड में ऑन रहती है। जो आपके फोन के क्रैश होने पर या एप के इस्तेमाल और डिवाइस की परफॉर्मेंस का डाटा गूगल काे भेजती रहती है। इसे बंद करने के लिए फोन की सेटिंग्स में जाकर गूगल के प्राइवेसी और सिक्योरिटी में जाएं। इसके बाद यूजेस और डायग्नोस्टिक पर जाएं, वहां से इसे ऑफ कर दें।
Web and App Activity पर लगाम लगाएं
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यह गूगल का सबसे बड़ा ट्रैकिंग सिस्टम माना जाता है। यह आपकी पल-पल की निगरानी करता है, जैसे आप गूगल (Google) पर क्या सर्च कर रहे हैं, कौन सी वेबसाइट देख रहे हैं या कौन सा एए इस्तेमाल कर रहे हैं, ये सब इसकी निगरानी में होता है। इसके लिए फोन की सेटिंग्स में जाकर अपनी प्रोफाइल पर टैप करें। फिर डाटा और प्राइवेसी में जाएं और वेब एंड एप एक्टिविटी में जाकर इसे बंद कर दें।
Personalize Using Shared Data को ऑफ करें
गूगल (Google) के सभी एप्स जैसे जीमेल और कॉन्टैक्ट्स एक दूसरे से आपका डाटा साझा करते हैं, ताकि आपको पर्सनलाइज्ड अनुभव मिल सके। इसके लिए सेटिंग्स में जाकर गूगल (Google) की ऑल सर्विसेज में टैप करें। फिर प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी में जाएं और पर्सनलाइज्ड यूजेस शेयरर्ड डाटा (Personalized Usage and Shared Data) को ऑफ करें।
तो क्या यह सब करने से ट्रैकिंग पूरी तरह रुक जाएगी?
एक्सपर्ट्स कहते हैं तो एंड्रॉयड गूगल (Google) का ही ऑपरेटिंग सिस्टम होता है, इसलिए इसे पूरी तरह से डाटा शेयरिंग (Data Sharing) को रोकना लगभग असंभव है, लेकिन इन सेटिंग्स को बंद करने से गूगल (Google) को मिलने वाले डेटा की मात्रा काफी कम हो जाती है। यह आपके फोन की बैटरी और प्राइवेसी दोनों के लिए एक छोटा सा लेकिन जरूरी काम हो सकता है।