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ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी (automobile manufacturing company) का कहना है कि रेल लॉजिस्टिक्स (Rail Logistics) की ओर इस बदलाव से कार्बन उत्सर्जन (carbon emissions) में कमी आई है, ईंधन की खपत घटी है और सड़क पर भीड़भाड़ कम हुई है। कंपनी के अनुसार, 2025 में रेल द्वारा माल भेजने से 87,904 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन को कम करने में मदद मिली और 687 लाख लीटर से अधिक ईंधन की बचत हुई।
कंपनी वर्तमान में 45 से अधिक फ्लेक्सी डेक रेक (Flexi Deck Rake) संचालित करती है, जिनमें से प्रत्येक ट्रिप लगभग 260 कारें ले जाने में सक्षम है।
पिछले साल गुजरात और मानेसर में स्थित इसके प्लांट्स के रेलवे साइडिंग से भेजे गए वाहन इसके कुल रेल परिवहन का 53 फीसदी थे।
मारुति का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक रेल से डिलीवरी को 35 प्रतिशत तक बढ़ाना है। रेल परिवहन भी 2016 में 77,000 वाहन से बढ़कर 7.5 गुना से अधिक हो गया।