नई दिल्ली। बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने अपने समधी यानी आकाश आनंद (Akash Anand) के ससुर एवं पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ (former MPs Ashok Siddharth) और पार्टी नेता रणधीर सिंह बेनीवाल (Randhir Singh Beniwal) को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी स्थिति में अब दोनों की पार्टी में वापसी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं पर अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप लगातार सामने आ रहे थे।
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मायावती (Mayawati) ने रविवार को एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि अशोक सिद्धार्थ (Ashok Siddharth) को पहले महाराष्ट्र में पार्टी की जिम्मेदारी निभाने के दौरान तालमेल की कमी और अनुशासनहीनता के कारण हटाया गया था। बाद में उन्हें दोबारा मौका देते हुए यूपी के बजाय अन्य राज्यों में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। लेकिन, वहां भी उन्होंने अपेक्षित ढंग से कार्य नहीं किया।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि श्री अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद को महाराष्ट्र के चुनाव में खा़सकर पार्टी टिकट के बंटवारे को लेकर बी.एस.पी. महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष आदि के साथ सही से तालमेल करके नहीं चलने की वजह से अनुशासनहीनता व दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने पर पार्टी से निष्कासित कर…
— Mayawati (@Mayawati) August 2, 2026
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तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित
उन्होंने कहा कि कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कोऑर्डिनेटर रहते हुए भी अशोक सिद्धार्थ (Ashok Siddharth) के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलती रहीं। कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद सुधार नहीं होने पर उन्हें पहले सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया। अब तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
मायावती (Mayawati) ने आगे कहा कि अशोक सिद्धार्थ (Ashok Siddharth) के उत्तर प्रदेश में दोबारा सक्रिय होने संबंधी खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। उनका उद्देश्य आगामी यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम फैलाना और संगठन को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने साफ कहा कि अशोक सिद्धार्थ की अब पार्टी में कभी वापसी नहीं होगी।
रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी कार्रवाई
बसपा सुप्रीमो ने रणधीर सिंह बेनीवाल (Randhir Singh Beniwal) पर भी कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उन्हें पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में संगठन की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके खिलाफ भी अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। ऐसे में उन्हें भी सभी जिम्मेदारियों से हटाते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
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रामजी गौतम फिर बने पंजाब के प्रभारी
इसके अलावा बसपा सुप्रीमो (BSP Supremo) ने राज्यसभा सांसद रामजी गौतम (Rajya Sabha MP Ramji Gautam) को पुनः पंजाब का प्रभारी बनाया है। वह अन्य राज्यों के साथ पंजाब में भी आगामी विधानसभा चुनाव तक संगठन की जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी की वर्तमान नीति के अनुसार, उत्तर प्रदेश के निवासी जो वरिष्ठ पदाधिकारी अन्य राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहें। विरोधी दलों के किसी भी दुष्प्रचार का हिस्सा न बनें।