1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. ‘वोट PDA का चाहिये और सांसद-विधायक परिवार के लोगों व पूंजीपतियों को बनाएंगे…’ मायावती ने सपा पर साधा निशाना

‘वोट PDA का चाहिये और सांसद-विधायक परिवार के लोगों व पूंजीपतियों को बनाएंगे…’ मायावती ने सपा पर साधा निशाना

UP Rajya Sabha Elections 2026 : समाजवादी पार्टी ने यूपी में राज्यसभा के लिए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। जिसको लेकर पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा पर बड़ा हमला बोला है। मायावती ने सपा पर परिवारवाद और पूंजीपतियों की पार्टी होने का आरोप लगाया है।

By Abhimanyu 
Updated Date

UP Rajya Sabha Elections 2026 : समाजवादी पार्टी ने यूपी में राज्यसभा के लिए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। जिसको लेकर पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा पर बड़ा हमला बोला है। मायावती ने सपा पर परिवारवाद और पूंजीपतियों की पार्टी होने का आरोप लगाया है।

पढ़ें :- सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों को ₹51 हजार महीना अखिलेश का ऐलान, बोले- भाजपा माइक्रोस्कोप से मैनेजमेंट करे तब भी हार जाएगी

बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “जैसाकि यह सर्वविदित है कि बी.एस.पी. किसी भी छोटे-बड़े चुनाव में विरोधी पार्टियों में भी ख़ासकर समाजवादी पार्टी (सपा) की तरह अपने परिवार, सगे-सम्बंधी, भाई-भतीजों, क़रीबी रिश्ते-नातेदारों के साथ ही विशेषकर बड़े-बड़े पूँजीपतियों व धन्नासेठों आदि को टिकट नहीं देती है, यानी चुनावों में उनके धनबल का सहारा नहीं लेती है, बल्कि पार्टी में कार्यरत सर्वसमाज में से केवल ग़रीब, मध्यम वर्ग व कमज़ोर तबक़ों के कर्मठ अम्बेडकरवादी लोगों को ही अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाती है, अर्थात बी.एस.पी. की राजनीति परिवारवाद व धनबल से मुक्त व पाक-साफ है, जबकि वहीं दूसरी तरफ सपा ठीक इसके विपरीत कार्य करती है, जो अपने आपको समाजवादी व कथित ’पीडीए’ (PDA) की पार्टी होने का राजनीतिक ढोंग व छलावा करती हुई ज़्यादा नज़र आती है।”

पढ़ें :- बंद कमरे में टिप्पणी करना आसान, सुरक्षा हटा दें तो कुछ लोगों को 'भीगी बिल्ली' बनने में बहुत देर नहीं लगेगी: सीएम योगी

उन्होंने आगे कहा, “सपा ने यूपी से राज्यसभा के लिये द्विवार्षिक चुनाव में श्री रामगोपाल यादव को फिर से पर्चा भरवाया है जो सपा मुखिया के नज़दीकी रिश्तेदार हैं, जबकि सपा ने अपनी पार्टी का दूसरा उम्मीदवार श्री धनराज परिमल नाथवानी को बनाया है, जो चर्चित उद्योग घराने से सम्बद्ध हैं। लोगों की राय में सपा का तीसरा उम्मीदवार पहले की तरह संभवतः ’फेस सेविंग’ व चुनाव हारने के लिये होगा। तो इस प्रकार का है सपा, उसका ’पीडीए’ (PDA) व उस पार्टी का समाजवाद अर्थात् सपा को चुनाव में वोट तो ’पीडीए’ का चाहिये, लेकिन सांसद व विधायक आदि ज़्यादातर अपने परिवार वालों को व बड़े-बड़े पूँजीपतियों को बनाती है। अतः जनता इनके ’पीडीए’ के बहकावे में ना आये तो यह सही।”

पूर्व सीएम ने कहा, “वास्तव में यह कोई नई बात नहीं है बल्कि सपा का इस प्रकार का दोहरा चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा से ही रहा है और इसीलिये ख़ासकर अपरकास्ट समाज के ग़रीबों तथा ’बहुजन समाज’ अर्थात दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के समस्त लोगों को अब ख़ासकर यूपी विधानसभा आमचुनाव से पहले ही ज़रूर पूरी तरह से सचेत/सतर्क हो जाना चाहिये कि उन सबका हित अम्बेडकरवादी बी.एस.पी. में ही निहित व सुरक्षित है, बाकी सब छलावा ही छलावा है।”

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...