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यूपी चुनाव से पहले मायावती का बड़ा दांव! बसपा नेताओं को GEN-Z व GEN-अल्फा के मुद्दे उठाने का दिया निर्देश

By Abhimanyu 
Updated Date

UP Elections 2027 : जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर छात्रों के आंदोलन ने अब राजनीतिक दलों का झुकाव युवा पीढ़ी की ओर कर दिया है। विपक्ष हो या फिर सत्ता पक्ष, अब हर कोई GEN-Z व GEN-अल्फा की बात कर रहा है। अब इस दौड़ में बसपा सुप्रीमो मायावती भी शामिल हो गयी हैं और उन्होंने अपने पार्टी के नेताओं को GEN-Z व GEN-अल्फा का मुद्दा उठाने का निर्देश दिया है।

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दरअसल, देश के अलग-अलग राज्यों में GEN-Z व GEN-अल्फा यानी छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इनकी मांगों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दे शामिल हैं। वहीं, राजनीतिक दल भी इन मुद्दों को उठाकर और खुद को GEN-Z व GEN-अल्फा का हितैषी बताने की होड़ में लगे हुए हैं। ऐसे में बसपा सुप्रीमो कैसे पीछे रहने वाली थीं। उन्होंने विपक्षी दलों पर GEN-Z व GEN-अल्फा के मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जंतर मंतर आन्दोलन के दौरान जो जेन-जी (Gen-Z)  को बड़े-बड़े सपने दिखाये गये थे, वे अब स्वतंत्र कम व राजनीतिक ज़्यादा होकर गंभीर शंकाओं में घिर गये हैं।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को एक्स पोस्ट में लिखा, ‘देश में एक नहीं बल्कि अनेकों ऐसे उदाहरण हैं जिससे लोगों को यह लग रहा है कि सीजेपी का जेन-जी (Gen-Z) अर्थात देश के युवाओं और बेरोज़गारों आदि की ज्वलन्त समस्याओं को लेकर इनका यह आन्दोलन विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा हाईजैक कर लेने से युवाओं व छात्रों आदि को जंतर मंतर आन्दोलन के दौरान जो इनको बड़े-बड़े सपने दिखाये गये थे, वे अब स्वतंत्र कम व राजनीतिक ज़्यादा होकर गंभीर शंकाओं में घिर गये हैं।’

मायावती ने आगे लिखा, ‘किन्तु ख़ासकर जेन-जी (Gen-Z) व जेन-अल्फा (Gen-Alpha) की ज़रूरी माँगों को लेकर बी.एस.पी. को पूरी सहानुभूति व इसके प्रति चिन्ता भी हमेशा रही है और आगे उनके सहयोग के लिये बी.एस.पी. के सभी स्टेट यूनिटों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने-अपने राज्य व क्षेत्र में सम्बंधित अधिकारियों से मिलकर उनकी समस्याओं के शान्तिपूर्ण तरीक़े से समाधान के लिये ज़रूर तत्पर रहें।’

यूपी की पूर्व सीएम ने लिखा, ‘लेकिन बी.एस.पी. के अनुशासन के अनुसार पार्टी के लोग धरना, प्रदर्शन व आन्दोलन आदि नहीं करें और अपनी तन, मन, धन की शक्ति एवं ऊर्जा को चुनाव के लिये सुरक्षित रखें, ताकि करोड़ों दलितों व अन्य उपेक्षितों के सच्चे मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के सपनों को साकार करने वाली ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की अपनी सरकार बनाकर जेन-जी (Gen-Z) और जेन-अल्फा (Gen-Alpha) सहित सर्वसमाज की सभी दुख-तकलीफों आदि का स्थायी समाधान निकल सके, जैसाकि बी.एस.पी. की यूपी में चार बार रही सरकारों में करके भी दिखाया गया है।’

मायावती ने लिखा, ‘इसके साथ ही, जेन-जी (Gen-Z) के जंतर मंतर आन्दोलन के दौरान पुलिस अगर समय से उचित कार्रवाई करती तो श्री संजय आज़ाद जैसी गंभीर घटना नहीं होती, किन्तु अब इस प्रकरण के अभियुक्तों के खिलाफ सख़्त से सख़्त क़ानूनी कार्रवाई ज़रूर होनी चाहिये वरना फिर बी.एस.पी भी ऐसे मामलों में कोई पीछे नहीं रहेगी।’

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