नई दिल्ली। Lateral Entry के जरिए नियुक्तियों को लेकर बीते कई दिनों से हंगामा मचा हुआ था। विपक्षी दलों के विरोध के बाद अब सरकार बैकफुट पर आ गई ओर लेटरल एंट्री भर्ती वाले विज्ञापन पर रोक लगा दी है। इसको लेकर अब विपक्षी दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि, Lateral Entry पर मोदी सरकार की चिट्ठी ये दर्शाती है कि तानाशाही सत्ता के अहंकार को संविधान की ताक़त ही हरा सकती है।
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मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि, संविधान जयते! हमारे दलित, आदिवासी, पिछड़े और कमज़ोर वर्गों के सामाजिक न्याय के लिए कांग्रेस पार्टी की लड़ाई ने भाजपा के आरक्षण छीनने के मंसूबों पर पानी फेरा है। Lateral Entry पर मोदी सरकार की चिट्ठी ये दर्शाती है कि तानाशाही सत्ता के अहंकार को संविधान की ताक़त ही हरा सकती है।
संविधान जयते !
हमारे दलित, आदिवासी, पिछड़े और कमज़ोर वर्गों के सामाजिक न्याय के लिए कांग्रेस पार्टी की लड़ाई ने भाजपा के आरक्षण छीनने के मंसूबों पर पानी फेरा है।
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— Mallikarjun Kharge (@kharge) August 20, 2024
उन्होंने आगे लिखा कि, राहुल गांधी, कांग्रेस और INDIA पार्टियों की मुहिम से सरकार एक क़दम पीछे हटी है, पर जब तक BJP-RSS सत्ता में है, वो आरक्षण छीनने के नए-नए हथकंडे अपनाती रहेगी। हम सबको सावधान रहना होगा।
बजट में मध्यम वर्ग पर किया गया Long Term Capital Gain/ Indexation वाला प्रहार हो, या वक़्फ़ बिल को JPC के हवाले करना हो, या फिर Broadcast Bill को ठंडे बस्ते में डालना हो-जनता और विपक्ष की ताक़त देश को मोदी सरकार से बचा रही है।