नई दिल्ली। मंकीपॉक्स के केस दुनिया के कई देशों में देखने को मिल रहे हैं। मंकीपॉक्स का वायरल संक्रमण अब धीरे धीरे अब पांव पसरना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत में भी एक संदिग्ध मंकीपॉक्स का केस मिला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लेकर जानकारी दी है। मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि, संदिग्ध हाल के दिनों में मंकीपॉक्स का संक्रमण रहे एक देश की यात्रा की थी।
पढ़ें :- 'Jag Vasant' LPG Vessel kandla port : 42 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत पहुंचा 'जग वसंत' वेसल, राहत भरी खबर
वहीं, संदिग्ध मरीज को आइसोलेट किया गया है और उसके हालत स्थिर हैं।एमपॉक्स की मौजूदगी की पुष्टि के लिए मरीज के नमूनों का परीक्षण किया जा रहा है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसके लक्षण एनसीडीसी द्वारा पहले से बताए गए लक्षणों के अनुरूप ही हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इसे लेकर पर्याप्त सावधानी बरती जा रही है। और सभी प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जा रहा है। देश ऐसे अलग यात्रा-संबंधी मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
जानिए कैसे बढ़ता है मंकीपॉक्स का संक्रमण
मंकीपॉक्स के संक्रमण सामान्यत: दो से चार सप्ताह तक रहता है। इसके रोगी आमतौर पर सहायता संबंधी प्रबंधन से ठीक हो जाते हैं। संक्रमित व्यक्ति के साथ लंबे समय तक निकट संपर्क से और आमतौर पर यौन संपर्क, शरीर, घाव के तरल पदार्थ के साथ सीधे संपर्क या संक्रमित व्यक्ति के दूषित कपड़े, चादर का इस्तेमाल करने से होता है।