पटना : बिहार के पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन पप्पू यादव (Rajesh Ranjan ‘Pappu’ Yadav) को उनके राजनीति में आने वाली महिलाओं पर विवादित बयान पर बिहार राज्य महिला आयोग (Bihar State Women’s Commission) ने नोटिस भेजा है। इस पर पप्पू यादव ने बुधवार को कहा कि 90 प्रतिशत महिलाएं उनकी बात का समर्थन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं उनके साथ खड़ी हैं तो किस बात का डर है।
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सांसद पप्पू यादव ने कहा कि जिन महिलाओं ने अपनी मेहनत से तरक्की की है, चाहे वे एसपी हों, डॉक्टर हों या इंजीनियर, उन्हें आगे आना चाहिए। हम तो अपनी जान कुर्बान करने को भी तैयार हैं। लेकिन आज भारत की 90 प्रतिशत महिलाएं हमारी बात का समर्थन कर रही हैं। जब इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं हमारे साथ खड़ी हैं, तो फिर डर किस बात का? हमने किसी का नाम नहीं लिया, हमने तो सामान्य तौर पर महिलाओं के बारे में बात की थी। हमने यह भी कहा था कि बाकी बची 10 प्रतिशत महिलाओं में भी अच्छी महिलाएं हैं। तो फिर आपको इतनी तकलीफ क्यों हुई?
Purnia, Bihar: Purnia MP Pappu Yadav says, "Women who have progressed on their own, whether in the SP, as doctors, or as engineers, must come forward… We are ready to even sacrifice ourselves, but today, 90% of women in India are supporting what we are saying. When such a large… pic.twitter.com/ozIpIRZSEv
— IANS (@ians_india) April 22, 2026
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पप्पू यादव ने कहा कि सूली पर चढ़ जाऊंगा, पत्थर खाऊंगा,यह तो इतिहास रहा है, सुकरात का इतिहास, हम जहर खाकर खाने को तैयार हैं। लेकिन आज भारत की 90 प्रतिशत महिलाएं हमारी बातों को लेकर सपोर्ट कर रही हैं। ऐसी महिलाओं को कोई डर क्यों?
‘कांच के घरों में रहने वाले दूसरों पर पत्थर न फेंकें’
सांसद पप्पू यादव ने नेताओं और राजनीति में सक्रिय महिलाओं पर विवादित टिप्पणियां की थीं। इन टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रियाएं आईं। इसके बाद बिहार राज्य महिला आयोग ने उनके बयान का स्वतः संज्ञान लिया। पप्पू यादव ने उनके बयान पर आपत्ति जताने वालों के बारे में कहा कि ये लोग कौन हैं जिन्होंने मुझे नोटिस भेजा है? ये किसके साथ हैं? जो लोग कांच के घरों में रहते हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए।”
नोटिस में लगाए गए आरोपों पर पप्पू यादव ने कहा कि मैंने सदन के पटल पर भी यह बात कही है कि 70-80 फीसदी नेता पोर्न देखते हैं। इसलिए सबकी जांच कराईए। अगर मेरे फोन में पोर्न मिलता है, तो मेरी भी जांच कीजिए। राजनीति में महिलाओं के शोषण का आरोप लगाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि मैंने कहा था कि पुरुष नेता महिलाओं का शोषण किए बिना राजनीति में आने नहीं देते। क्या यह गलत है? उन्होंने कहा कि मैं महिलाओं की लड़ाई लड़ रहा हूं। ये लोग महिलाओं का शोषण करते हैं।
यादव ने कहा कि कई पुरुष नेताओं के खिलाफ यौन शोषण के आरोप हैं, और उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हैं। पूरा भारत ही दागदार है। अगर मैं पुरुष नेताओं के बारे में बात करता हूं, तो उन्हें (महिला आयोग को) इतनी परेशानी क्यों होती है? उन्होंने कहा कि ये नेता महिलाओं का शोषण करते हैं, और फिर महिला आरक्षण विधेयक की बात करते हैं।
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आयोग ने कहा कि महिलाओं की गरिमा का अपमान
इससे पहले पप्पू यादव ने कहा था कि “90 प्रतिशत महिलाएं नेताओं के कमरे में जाए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं। इस पर बिहार राज्य महिला आयोग ने मंगलवार को उनकी टिप्पणियों का स्वतः संज्ञान लिया और उन्हें नोटिस जारी किया। आयोग ने इस नोटिस में सांसद की टिप्पणियों को “घिनौना” और महिलाओं की गरिमा का अपमान बताया है। महिला आयोग ने पप्पू यादव से 3 दिन के भीतर जवाब मांगा है। आयोग ने उनसे पूछा है कि उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया और उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द क्यों नहीं की जानी चाहिए।
आयोग ने यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए एक वीडियो को लेकर की है। वीडियो में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव कथित तौर पर यह दावा क रहे हैं कि राजनीति के क्षेत्र में कदम रखने वाली महिलाएं केवल स्थापित राजनेताओं के साथ “बिस्तर साझा करके” ही आगे बढ़ पाती हैं।
महिलाओं के आत्म सम्मान को ठेस
बिहार महिला आयोग ने नोटिस में कहा है कि,यह बयान महिलाओं के आत्म-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है। यह इस बात का संकेत देता है कि राजनीति के क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं अपनी स्वयं की योग्यता के बल पर आगे नहीं बढ़तीं, जो कि एक अपमानजनक और निराधार सामान्यीकरण है। लोकसभा अध्यक्ष से आपकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश क्यों न की जाए?