नई दिल्ली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (All India Muslim Jamaat) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी (National President Maulana Shahabuddin Razvi Barelvi) ने कहा कि मुसलमान बिना बीफ खाए भी अपनी जिंदगी अच्छे से जी सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीफ खाना न तो इस्लाम में आवश्यक है और न ही इसके बिना मुसलमानों की जिंदगी प्रभावित होती है। मौलाना ने कहा कि असम सरकार के बीफ पर लगाए प्रतिबंध (Beef Ban in Assam) से मुसलमानों पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। अगर असम के मुख्यमंत्री यह समझते हैं कि मुसलमान बीफ नहीं खाएगा तो जिंदा नहीं रह सकता है तो वह गलत सोच रखते हैं।
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VIDEO : असम में बीफ बैन पर भड़के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, दिया ये बयान pic.twitter.com/JE2EcsLhcX
— santosh singh (@SantoshGaharwar) December 5, 2024
मौलाना रजवी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Assam, CM Himanta Biswa Sarma) के बीफ पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि असम सरकार द्वारा बीफ पर लगाए गए प्रतिबंध का मुसलमानों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस्लाम ने कभी बीफ खाने को लाज़िम नहीं ठहराया है। यह लोगों की निजी पसंद पर निर्भर करता है, न कि मजहब का कोई अनिवार्य हिस्सा है।
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जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Assam, CM Himanta Biswa Sarma) ने रेस्तरां, होटलों और सार्वजनिक स्थानों पर गोमांस परोसने और खाने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। असम सीएम के इस फैसले के बाद से विपक्षी दल की तरफ से तरह-तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है।