Gambhir reacts to the 0-2 loss against SA: गुवाहाटी टेस्ट के आखिरी दिन भारत की दूसरी पारी 140 रन पर सिमट गयी और साउथ अफ्रीका ने इस मैच को 408 रनों से जीत लिया। यह रनों के हिसाब से भारत की अब तक की सबसे शर्मनाक हार है। वहीं, हेड कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारत का दूसरी बार घर पर सूपड़ा साफ हो गया है। इस हार के बाद आलोचनाओं में घिरे गंभीर ने अपनी सफलताओं को गिनाने की कोशिश है।
पढ़ें :- 'अर्शदीप सिंह को डेरिल मिशेल से माफी नहीं मांगने की जरूरत नहीं थी...' कोच गंभीर ने भारतीय पेसर का किया बचाव
दरअसल, जुलाई 2024 में राहुल द्रविड़ के पद छोड़ने के बाद से हेड कोच गौतम गंभीर ने भारत को 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2025 एशिया कप में जैसी बड़ी जीत दिलाई। लेकिन, उनके इस छोटे से कार्यकाल में भारत ने 27 साल श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज गंवाई। इसके अलावा, भारत को पहली बार 0-3 से घरेलू टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड ने भारत में भारतीय टीम का सूपड़ा साफ किया था। अब साउथ अफ्रीका ने 25 साल भारत को उसी के घर में 0-2 से टेस्ट सीरीज हरायी है। जोकि भारतीय टेस्ट क्रिकेट का सबसे खराब दौर है।
गंभीर ने गिनाई अपनी उपलब्धियां
साउथ अफ्रीका के हाथों 408 रन से मिली शर्मनाक हार के बाद हेड कोच गंभीर ने बुधवार को कहा, “”मेरे भविष्य का फैसला बीसीसीआई को करना है। लेकिन मैं वही आदमी हूं जिसने इंग्लैंड में आपको नतीजे दिलाए और चैंपियंस ट्रॉफी व एशिया कप के लिए कोच था।” उन्होंने कहा, “टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देना शुरू करें और सभी को इसमें हिस्सा लेना होगा। इसे पूरा करने के लिए हमें मिलकर कोशिश करने की ज़रूरत है। टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए आपको सबसे तेज़-तर्रार और टैलेंटेड क्रिकेटरों की ज़रूरत नहीं है। हमें कम स्किल वाले मज़बूत लोगों की ज़रूरत है।”
गौतम गंभीर ने कहा, “दोष सबका है, शुरुआत मुझसे होती है।” उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी कहा है कि मुझे ट्रांज़िशन शब्द से नफ़रत है और मैं यहां बहाने बनाने नहीं आया हूं, लेकिन ट्रांज़िशन असल में यही है। युवा खिलाड़ी काम करते हुए सीख रहे हैं। आपको उन्हें समय देना होगा।”