Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. खेल
  3. Neeraj Chopra पेरिस से अचानक जर्मनी के लिए हुए रवाना; सामने आयी गंभीर वजह

Neeraj Chopra पेरिस से अचानक जर्मनी के लिए हुए रवाना; सामने आयी गंभीर वजह

By Abhimanyu 
Updated Date

Neeraj Chopra Left for Germany: पेरिस ओलंपिक 2024 के समापन के बाद भारतीय दल के लगभग सभी खिलाड़ियों की वतन वापसी हो चुकी है, लेकिन भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर और इस बार के सिल्वर मेडल विजेता नीरज चोपड़ा वापस नहीं लौट पाये हैं। उन्हें पेरिस से जर्मनी के लिए रवाना होना पड़ा है। वहीं, उनके भारत ने लौटने की एक गंभीर वजह सामने आयी है।

पढ़ें :- IND vs NZ : तीसरे वनडे में कप्तान गिल काटेंगे इन दो खिलाड़ियों का पत्ता, सीरीज डिसाइडर मैच में इनको मौका मिलना तय

दरअसल, नीरज चोपड़ा से इस ओलंपिक में गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन वह पाकिस्तान के अरशद नदीम से पिछड़ गए। नीरज को पेरिस ओलंपिक में सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इसी बीच खबर सामने आ रही है कि नीरज चोपड़ा को हार्निया की शिकायत है, जिसके कारण उन्हें जर्मनी जाना पड़ा। भारतीय एथलीट को जर्मनी जाने की मेडिकल एडवाइस दी गयी थी।

इससे पहले नीरज ने एक निजी चैनल से बातचीत में जर्मनी जाने और मेडिकल एडवाइस के बारे में खुलासा किया था। सिल्वर मेडल जीतने के बाद खुद उन्होंने भी इस बात का खुलासा किया था कि वह ग्रोइन की समस्या के चलते काफी कम टूर्नामेंट में हिस्सा ले पा रहे हैं।

नीरज ने कहा था- ‘मैं अपनी टीम से बात करूंगा और उसके हिसाब से फैसला लूंगा। मैं अपने शरीर की मौजूदा स्थिति के बावजूद खुद को आगे बढ़ा रहा हूं। मेरे अंदर बहुत कुछ और इसके लिए मुझे खुद को फिट रखना है।’

स्टार जेवलिन थ्रोअर के चाचा ने भी बताया है कि नीरज इलाज के लिए पेरिस ही सीधा जर्मनी रवाना हो गए हैं। अगर ज़रूरत पड़ी तो वह सर्जरी भी करवाएंगे। जर्मनी में नीरज एक महीने तक रहने वाले हैं।

पढ़ें :- Video : टॉस के समय भारत-बांग्लादेश के कप्तानों में नहीं हुआ हैंडशेक, U19 वर्ल्ड कप में भी दोनों देशों के बीच टकराव

गौरतलब है कि टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा किया था, लेकिन पेरिस ओलंपिक में उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। इस बार मेंस जेवलिन थ्रो के फाइनल में नीरज ने 89.45 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर जीता था, जबकि पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 92.97 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड पर कब्जा जमाया था।

Advertisement