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कैबिनेट मीटिंग में फैसला लेते ही ऊर्जा मंत्रालय के तहत नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। अथॉरिटी ने नोटिस जारी करके मृत छात्रों और उनके परिवारों के चयनित सदस्यों की सूची भी जारी कर दी है। सरकारी नोटिस के अनुसार, हर मृत छात्र के परिवार में से एक को उनके ही जिले में नौकरी दी जाएगी।
नियुक्ति योग्यता और स्किल के आधार पर की जाएगी। पीड़ित परिवारों को 35 दिनों के अंदर अपने संबंधों को वेरिफाई करवाना होगा और उसके बाद उन्हें नियुक्ति पत्र लेना होगा।
आठ सितंबर 2025 को छात्र आंदोलन के दौरान, पुलिस फायरिंग में 19 छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई थी। कई लोग घायल हो गए थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। उन्हीं घायलों में से आठ ने अगले दिन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। आंदोलन की शुरुआत सोशल मीडिया बैन के विरोध पर शुरू हुआ था, जो धीरे-धीरे भ्रष्टाचार और आर्थिक संकट के खिलाफ व्यापक विरोध में बदल गया था।