JDU’s stance on Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल का संसद में समर्थन करने के बाद बिहार में सत्ताधारी नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में उथल-पुथल मचा हुआ है। बिल को लेकर जेडीयू शीर्ष नेतृत्व के रुख से नाराज मुस्लिम नेता एक-एक करके इस्तीफा दे रहे हैं। इन नेताओं ने जेडीयू पर धर्मनिरपेक्षक होने के भरोसे को तोड़ने का आरोप लगाया है। इस बीच जेडीयू ने डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया। पार्टी ने दावा किया है कि पांच शर्तों को मनवाने के बाद उसने बिल को समर्थन दिया है।
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बिहार जेडीयू की प्रवक्ता अंजुम आरा ने शनिवार को मीडिया से कहा, ‘”जेडीयू ने पांच सुझाव या शर्तें रखी थीं, जिन्हें वक्फ संशोधन विधेयक में स्वीकार कर लिया गया। पहला- जमीन राज्य का मामला है, इसलिए कानूनों में भी यह प्राथमिकता बरकरार रखी जानी चाहिए। दूसरा- यह कानून पूर्वव्यापी तरीके से नहीं, बल्कि भावी तरीके से प्रभावी होना चाहिए… तीसरा- अगर किसी अपंजीकृत वक्फ संपत्ति पर कोई धार्मिक संस्थान स्थापित है, तो उसके साथ छेड़छाड़ नहीं की जाएगी… चौथा- वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट से ऊपर के अधिकारी को अधिकृत किया जाए। पांचवां- वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को डिजिटल पोर्टल पर रजिस्टर करने के लिए बिल में दी गई 6 महीने की समय सीमा को बढ़ाया जाए… इन सुझावों को स्वीकार किए जाने के बाद ही हम वक्फ संशोधन विधेयक पर सहमत हुए।”
#Live: प्रदेश कार्यालय, पटना में जद (यू) अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की प्रेस वार्ता। https://t.co/EAFSFadhAR
— Janata Dal (United) (@Jduonline) April 5, 2025
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बता दें कि संसद में वक्फ संशोधन बिल को पास कराने में जेडीयू समेत एनडीए के अन्य घटक दलों ने सरकार के साथ एकजुटता दिखाई। हालांकि, बिल का समर्थन करने पर जेडीयू के कई मुस्लिम नेता नीतीश कुमार से नाराज हैं। राजू नैयर, तबरेज सिद्दीकी अलीग, मोहम्मद शाहनवाज मलिक, मोहम्मद कासिम अंसारी और नदीम अख्तर ने जेडीयू से इस्तीफा दे दिया है। भविष्य में और भी इस्तीफे आ सकते हैं।