लखनऊ। बसपा सुप्रीामे मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, SC/ST आरक्षण के वर्गीकरण व क्रीमी लेयर का मुद्दा इन वर्गों को बांटने वाला भी है, जबकि बीएसपी जाति के आधार पर सदियों से तोड़े व सताए गए इन लोगों को जोड़कर ’बहुजन समाज’ बनाने का मानवतावादी मूवमेन्ट है, जिससे कोई समझौता संभव नहीं। पार्टी इस मुद्दे को लेकर अति-गंभीर है।
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उन्होंने आगे लिखा कि, इसको लेकर कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु की सरकारों द्वारा मा. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले से ही जो वहां एससी व एसटी को बांटने की राजनीति की जा रही है वह ठीक नहीं। ख़ासकर यहां कांग्रेसी सरकारों का रवैया इस मामले में अति-निन्दनीय।
बीएसपी में रहते हुए जो लोग एससी/एसटी के वर्गीकरण व क्रीमी लेयर का कांग्रेस की तरह पक्षधर होकर बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की मिशनरी सोच नहीं रखते हैं, तो उनका बीएसपी में कोई स्थान नहीं है। अर्थात् एक के स्वार्थ में बाकी पूरे बहुजन समाज के हित की उपेक्षा करना ठीक नहीं।
बसपा सुप्रीमो ने आगे लिखा कि, अतः ऐसी मानसिकता के लोग यदि पार्टी को छोड़कर खुद ही चले जाते हैं या उन्हें अलग कर दिया जाता है, तो यह बीएसपी पार्टी व मूवमेन्ट के हित में उचित होगा। वैसे भी इसकी आड़ में अब कांग्रेस के इण्डिया गठबन्धन की फूट डालो, राज करो की रणनीति नहीं चलेगी। लोग सजग रहें।