लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में बजट पर चर्चा करते हुए कहा कि, चौधरी चरण सिंह जी का सम्मान देश के किसानों और उत्तर प्रदेश का सम्मान है। क्योंकि, उनके कारण ही किसानों की आवाज को हर मंच पर जगह दी जा रही है, गरीबों को उसका अधिकार मिल पा रहा है।
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मुख्यंत्री ने कहा, हमारी सरकार ने प्रभु श्रीराम को साक्षी मानकर 8वां बजट प्रस्तुत किया है। हमारा सौभाग्य है कि हमारी सरकार में रामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है और यह बजट भी लोक कल्याण के लिए है। बजट में अंत्योदय से एक विकसित अर्थव्यवस्था तक, इंफ्रास्ट्रक्चर से ईज ऑफ लिविंग तक, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से इंवेस्टमेंट के ड्रीम डेस्टिनेशन तक, कृषि कल्याण से किसान कल्याण तक, आस्था से अर्थव्यवस्था तक, शिक्षा व स्वास्थ्य से स्वस्थ व स्वावलंबन की ओर, संस्कृति से समृद्धि की ओर और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को समाहित करते हुए एक विकसित उत्तर प्रदेश को प्रस्तुत करने का रोड मैप है।
इसके साथ ही कहा, कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के बावजूद हमारी सरकार उत्तर प्रदेश की ळैक्च् को दोगुना करने में सफल रही। इसके साथ ही हमारी सरकार प्रति व्यक्ति की आय को दोगुना करने में भी सफल हुई। मुख्यमंत्री ने कहा, आज उत्तर प्रदेश बीमारू प्रदेश नहीं बल्कि रेवेन्यू सरप्लस प्रदेश है। देश के विकास में उत्तर प्रदेश 9.2 फीसदी योगदान दे रहा है। हमारा प्रयास है कि इस वर्ष इसे बढ़ाकर 10 फीसदी तक ले जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा, वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश, देश की छठी अर्थव्यवस्था के रूप में गिना जाता था। आज वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश, देश की नंबर 2 की अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा, देश में डिजिटल लेनदेन में आज उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। प्रदेश में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिल रहा है, प्रदेश में आधे से अधिक लेनदेन यूपीआई के माध्यम से हो रहा है।
उन्होंने कहा, प्रभु श्रीराम, भरत जी से कहते हैं…बरसत हरसत सब लखें, करसत लखे न कोय। तुलसी प्रजा सुभाग से, भूप भानु सो होय।। अर्थात…जैसे सूर्य, समुद्र, नदी व तालाब से पानी लेता है, लेकिन किसी को पता नहीं चलता। परन्तु जब वह बादल के रूप में बरसात करता है तो सबको पता चलता है। यही स्थिति बजट की भी है। साथ ही कहा, प्रधानमंत्री जनधन योजना महिलाओं को वित्तीय मजबूती दे रही है। इस योजना में उत्तर प्रदेश, 09 करोड़ बैंक खातों के साथ देश में नंबर 1 पर है।
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मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश आयकर रिटर्न फाइल करने में देश में दूसरा सबसे बड़ा राज्य बन गया है। जूनए 2014 में 1,65ए000 आयकर रिटर्न फाइल होते थे। जो जून, 2023 में बढ़कर लगभग 12 लाख हो गए हैं। प्रदेश में वर्ष 2016.17 में बैंकिंग व्यवसाय ₹12.13 लाख करोड़ था, जो वर्ष 2023.24 में ₹26 लाख करोड़ हो गया है। उन्होंने आगे कहा, वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की बेरोजगारी दर 19 फीसदी से अधिक थी। लेकिन, आज प्रदेश की तस्वीर बदल गई है। आज प्रदेश की बेरोजगारी दर 2.4 फीसदी है और यहां पर रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।