Social Media Algorithm: सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना से जुड़े वीडियो हटाए जाने और अकाउंट बंद होने के आरोपों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक नया तरीका अपनाने की बात कही है। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका अपने समर्थकों को अब कोडवर्ड में बात करने की सलाह दे रहे हैं। उनका दावा है कि इस तरह सोशल मीडिया के एल्गोरिदम की पकड़ से बचा जा सकता है और सरकार की आलोचना से जुड़े वीडियो हटाए जाने की आशंका कम होगी।
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आशुतोष रांका ने अपने एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए अलग-अलग कोडवर्ड बताए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के लिए ‘ओदी’, अमित शाह के लिए ‘बीसीसीआई’ और ज्ञानेश कुमार के लिए ‘गुन्नू’ शब्द इस्तेमाल करने की बात कही। रांका ने समर्थकों से कहा कि अब सोशल मीडिया पर गंभीर मुद्दों को भी व्यंग्य और कोड लैंग्वेज के जरिए उठाना होगा।
रांका का आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकार की आलोचना करने वाले वीडियो और पोस्ट हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में वीडियो डिलीट किए जाने और अकाउंट बंद होने के बावजूद आंदोलन को रोका नहीं जा सकता।
आशुतोष रांका का कहना है कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल करें, जिसे एल्गोरिदम आसानी से पहचान न सके। अपने संबोधन में रांका ने समर्थकों से कहा “अब हम लोग ओदी (मोदी की तस्वीर दिखाते हुए) जी की बात करेंगे। अब से हम लोग बीसीसीआई (अमित शाह की तस्वीर के साथ) की बात करेंगे। अब से हम लोग गुन्नू (ज्ञानेश कुमार के लिए) की बात करेंगे।” उनका मानना है कि गंभीर राजनीतिक मुद्दों को व्यंग्य के साथ पेश करने से कंटेंट को हटाए जाने से बचाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वीडियो और अकाउंट हटाए जाने के बावजूद उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
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इससे पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी एक वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर कंटेंट हटाए जाने वाले एल्गोरिदम से बचने के कुछ तरीके बताए थे। अब आशुतोष रांका की कोडवर्ड वाली अपील ने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल CJP की ओर से लगाए गए सेंसरशिप और वीडियो हटाए जाने के आरोपों पर बहस जारी है।