अमेरिकी मिडटर्म चुनाव (US Midterm Elections) में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके के बाद भारत में भी सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके (Abhijit Dipke) ने अमेरिकी चुनाव के नतीजों को लेकर भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) पर तंज कसा है।
नई दिल्ली। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव (US Midterm Elections) में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके के बाद भारत में भी सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके (Abhijit Dipke) ने अमेरिकी चुनाव के नतीजों को लेकर भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) पर तंज कसा है। वहीं सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास (Sourav Das, CJP Spokesperson) ने भी ट्रंप की पार्टी की हार को दुनिया भर में मजबूत नेता और तानाशाही राजनीति के खिलाफ बदलते जनमत से जोड़ते हुए प्रतिक्रिया दी है।
अभिजीत दीपके (Abhijit Dipke) ने ट्रंप की पार्टी को चुनाव में लगे झटके पर चुटकी लेते हुए कहा,कि ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) ट्रंप के साथ ऐसा कभी नहीं होने देते। दीपके के इस बयान को चुनाव आयोग (Election Commission) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। वह इशारों में कहना चाहते हैं कि अगर अमेरिकी चुनाव (US Elections) की जिम्मेदारी ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के पास होती तो ट्रंप को इस तरह चुनावी झटका नहीं लगता।
Gyanesh Kumar would’ve never let this happen to Trump.
#JustSaying
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) November 4, 2026
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याद दिला दें कि अभिजीत दीपके (Abhijit Dipke) और उनके साथी भारत में चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के नेतृत्व में चुनाव आयोग (Election Commission) बीजेपी को चुनावी फायदा पहुंचाता है। हालांकि ये उनके राजनीतिक आरोप हैं।
दीपके के इस तंज के बीच सौरव दास ने भी अमेरिकी चुनाव के नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के हाउस और सीनेट में नियंत्रण गंवाने को तानाशाही राजनीति के लिए बड़ा झटका बताया। सौरव दास (Sourav Das) ने लिखा कि तानाशाह ट्रंप की पार्टी अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों पर अपना नियंत्रण खो रही है। लगता है कि दुनिया भर में तानाशाह बनने की कोशिश करने वालों के लिए मुश्किल समय चल रहा है।
सौरव दास (Sourav Das) ने इसके साथ यह भी आगाह किया कि तानाशाही राजनीति के खिलाफ लड़ाई सिर्फ – चुनाव जीतने या हारने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव के बाद भी सत्ता में बैठे नेताओं और उनके सहयोगियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।
उन्होंने इस राजनीतिक बदलाव को मजबूत नेता की छवि के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं, जवाबदेही और आम लोगों के मुद्दों की बढ़ती अहमियत से भी जोड़ा। उनका कहना है कि मतदाता अब नफरत की राजनीति के बजाय रोजगार, आर्थिक स्थिरता और महंगाई से राहत जैसे बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
Dictatorial Trump’s party loses control of both the US House and Senate! Seems like wanna-be Dictators are having a very tough time worldwide?
But do remember, it does not end with elections. The Dictator, his henchmen, and every SINGLE person that aided and abetted the Dictator’s acts must be punished.
— Saurav Das (@SauravDassss) November 4, 2026
अमेरिकी चुनाव (US Elections) के नतीजे अभिजीत दीपके (Abhijit Dipke) के लिए ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) पर तंज कसने का मौका बन गए तो सौरव दास (Sourav Das) ने इसे दुनिया भर में मजबूत नेता और तानाशाही राजनीति के प्रति बदलते रुझान के तौर पर पेश किया। दोनों की प्रतिक्रियाओं के केंद्र में अमेरिकी चुनाव (US Elections) जरूर है लेकिन निशाने पर भारतीय लोकतंत्र, चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़े सवाल भी हैं।