नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) पर निशाना साधा है,क्योंकि भारतीय महासागर (Indian Ocean) में एक ईरानी युद्धपोत (Iranian warship) डूब गया। उनका कहना है कि अब संघर्ष हमारे ही आंगन तक पहुंच गया है।
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The world has entered a volatile phase. Stormy seas lie ahead.
India’s oil supplies are under threat, with more than 40% of our imports transiting the Strait of Hormuz. The situation is even worse for LPG and LNG.
The conflict has reached our backyard, with an Iranian warship…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 5, 2026
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राहुल गांधी ने X पर पोस्ट करके इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि दुनिया अब एक अस्थिर दौर में दाखिल हो चुकी है, और आगे तूफानी हालात आने वाले हैं। उन्होंने लिखा,कि भारत के तेल आयात का 40% से ज्यादा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। एलपीजी और एलएनजी की स्थिति तो और भी खराब है। संघर्ष हमारे आंगन तक पहुंच गया है, भारतीय महासागर में एक ईरानी युद्धपोत डूबा दिया गया। फिर भी प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा। ऐसे वक्त में देश को मजबूत और स्थिर नेतृत्व की जरूरत है। लेकिन हमारे पास एक समझौतावादी प्रधानमंत्री है, जिसने हमारी सामरिक स्वतंत्रता को समर्पण कर दिया है।
जानें क्या है पूरा मामला मामला?
इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी नौसेना की एक पनडुब्बी ने ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena को मार्क-48 टॉरपीडो से निशाना बनाया। यह हमला हिंद महासागर में श्रीलंका के तट से करीब 40 नॉटिकल मील दूर हुआ। जहाज पूरी तरह डूब गया, और इसमें दर्जनों नाविकों की मौत हो गई—कुछ रिपोर्ट्स में 83 से ज्यादा शव मिलने और 32 घायलों को बचाए जाने की बात है। श्रीलंका की नौसेना ने डिस्ट्रेस कॉल मिलने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे “समुद्र में अत्याचार” बताया और कहा कि अमेरिका को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरानी अधिकारियों ने याद दिलाया कि यह जहाज हाल ही में भारत में हुए मिलन नौसेना अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद वापस लौट रहा था। मिलन एक्सरसाइज भारत की मेजबानी में हुआ था, जिसमें कई देशों की नौसेनाएं शामिल हुई थीं।