नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) ने शुक्रवार को दावा किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से कई बार मिल चुके हैं। उनमें कोई दम नहीं है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) ने कांग्रेस ‘ओबसी भागीदारी न्याय सम्मेलन’ में यह टिप्पणी की है। साथ ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी के सत्ता में रहने के दौरान जाति जनगणना नहीं करा पाना उनकी गलती है।
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राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) ने अपने भाषण के दौरान जब यह सवाल किया कि देश में सबसे बड़ी समस्या क्या हैं तो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने प्रधानमंत्री का नाम लिया। इस पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) कोई बड़ी बात नहीं हैं। मीडिया वालों ने सिर्फ गुब्बारा बना रखा है। मैं उनसे मिल चुका हूं, उनके साथ कमरे में बैठा हूं। बस ‘शो’ हैं, कोई दम नहीं है।
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— Congress (@INCIndia) July 25, 2025
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कांग्रेस नेता बोले- आज का तेल डेटा है
इसके साथ ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 21वीं सदी ‘डेटा’ की सदी है। मोदी जी डेटा के बारे में बोलते रहते हैं। पहले जिस देश के पास तेल होता था, उसे शक्तिशाली माना जाता था। आज का तेल डेटा है।
राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) ने सम्मेलन के दौरान यह भी कहा कि उनकी पार्टी के सत्ता में रहने के दौरान जाति जनगणना नहीं करवा पाना उनकी गलती है लेकिन अब उन्होंने इस गलती को सुधारने के लिए कदम बढ़ाया है। उन्होंने यह भी कहा कि जाति जनगणना का मुद्दा ‘राजनीतिक भूकंप’ है जिसने देश की राजनीतिक जमीन को हिलाकर रख दिया है।
राहुल गांधी ने खुद में मानी यह कमी
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘ओबीसी भागीदारी न्याय सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि मैं 2004 से राजनीति कर रहा हूं। जब मैं अपना मूल्यांकन करता हूं तो पाता हूं कि कहीं अच्छा काम किया तो कहीं कमी भी रह गई। आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों की बात हो, मुझे अच्छे नंबर मिलने चाहिए। महिलाओं के मुद्दे पर मुझे अच्छे नंबर मिलने चाहिए लेकिन मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो एक बात स्पष्ट दिखती है कि एक चीज में कमी रह गई थी। यह एक गलती मैंने की, वह यह है कि ओबीसी वर्ग के हितों की रक्षा जिस तरह से करनी थी, वो मैंने नहीं की। इसका कारण यह है कि आपके मुद्दे मुझे उस समय गहराई से समझ नहीं आए थे।
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राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) कहा कि दलितों की कठिनाइयों को समझना आसान है, आदिवासियों के मुद्दे भी आसानी से समझ आ जाते हैं लेकिन ओबीसी की मुश्किलें या मुद्दे आसानी से नहीं दिखते। मुझे अफसोस यह है कि अगर मुझे आपके इतिहास और मुद्दों के बारे में ज्यादा मालूम होता तो मैं उसी वक्त (कांग्रेस के सत्ता में रहते) जाति जनगणना करा देता। वो समय निकल गया लेकिन मेरी गलती है। यह कांग्रेस की गलती नहीं, मेरी गलती है।
जाति जनगणना से पीछे हटने वाला नहीं : राहुल
कांग्रेस नेता ने जाति जनगणना के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा, कि यह राजनीतिक भूकंप है, जिसने हिंदुस्तान की राजनीतिक जमीन को हिला दिया है। इसका झटका आपको लगा नहीं है लेकिन काम हो गया है। आप मेरी बहन (प्रियंका गांधी) से पूछना कि मैं जब किसी बात के लिए मन बना लेता हूं तो मैं उससे पीछे हटता हूं या नहीं। मैं जाति जनगणना से पीछे हटने वाला नहीं हूं।