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Vote Adhikaar Yatra: सासाराम में राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’, लालू, तेजस्वी समेत कई नेता होंगे शामिल

By Aakansha Upadhyay 
Updated Date

बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर लगतार विपक्षी दल एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। वहीं अब इस बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ लोगों के बीच खूब सुर्खियां बटोर रही है. राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ सासाराम से शुरू होने होगी। ये यात्रा 16 दिनों तक चलेगी।  इस यात्रा का एकमात्र लक्ष्य है निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ विरोध जताना और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाना है। बता दें की इस यात्रा को आरजेडी प्रमुख लालू यादव हरी झंडी दिखाकर रवाना कर रहे हैं। दोनों दलों को इस यात्रा में शामिल होने के पर सवाल उठता है की राहुल की इस यात्रा से महागठबंधन बिहार में कितना मजबूत होगा?

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बता दें की इस  यात्रा की शुरुआत  सासाराम से शुरू होकर बिहार के 25 जिलों से गुजरेगी और 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में एक विशाल रैली के साथ समाप्त होगी. तेजस्वी यादव, जो महागठबंधन के सबसे प्रमुख चेहरे हैं। इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ प्रमुखता से शामिल होंगे. आरजेडी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा, ‘भाजपा के आदेश पर चुनाव आयोग द्वारा बिहारवासियों के मताधिकार के साथ खिलवाड़ के खिलाफ युवा जननेता तेजस्वी यादव वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी जी के साथ ‘वोट अधिकार यात्रा’ पर निकलेंगे.’ तेजस्वी ने इस यात्रा के लिए एक अभियान गीत भी लॉन्च किया, जिसमें उन्होंने बिहार की जनता से इसमें शामिल होने की अपील की. उनकी सक्रिय भागीदारी से यह स्पष्ट है कि वह महागठबंधन की रणनीति को मजबूती देंगे.

यात्रा का मकसद और रणनीति

राहुल गांधी ने इस यात्रा को ‘वोट चोरी’ के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग, बीजेपी के इशारे पर, बिहार में मतदाता सूची से करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम हटा रहा है, जिससे गरीब और विपक्षी समर्थकों के वोटिंग अधिकार खतरे में हैं. यात्रा का लक्ष्य जनता को मताधिकार के महत्व के प्रति जागरूक करना और ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सिद्धांत को मजबूत करना है. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘यह यात्रा लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर लड़ी जाएगी.’ इसके अलावा, कांग्रेस ने 14 अगस्त को ‘लोकतंत्र बचाओ मशाल मार्च’ और 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक 5 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का अभियान भी शुरू किया है

 

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