लखनऊ। भारतीय रेलवे (Indian Railways) को टिकट रद्द (Ticket Cancellation) करना भी भारी मुनाफे का सौदा है। 2019 से 2023 के बीच रेलवे 6112 करोड़ रुपये कमाई की है। सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला के तरफ से दायर सूचना के अधिकार (RTI) याचिका के जवाब में रेल मंत्रालय (Railway Ministry) ने रद्दीकरण से वर्षवार कटौती की गई राशि का खुलासा किया है।
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कार्यकर्ता के तरफ से साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019-20 में टिकट रद्दीकरण से 1724.44 करोड़ रुपये, वर्ष 2020-21 में 710.54 करोड़ रुपये, वर्ष 2021-22 में 1569 करोड़ रुपये और वर्ष 2022-23 में रद्दीकरण से अर्जित राशि 2109.74 करोड़ रुपये (अनंतिम) थी। इन चार वर्षों के दौरान भारतीय रेलवे ने केवल टिकट रद्द करने से 6112 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की।
मेरे इस #RTI से जानकारी मिलती है की रील मंत्री के रेलवे ने वर्ष 2019 से 2023 यात्रियों की टिकिट कैंसलेशन के नाम पर 6114 करोड़ का लाभ कमाया है! सवाल यह है यात्रियों को रेलवे से दुर्घटना के अलावा और कोई सुविधा क्या मिल पा रही है? pic.twitter.com/r2MbQ427v8
— Kunal Shukla (@kunal492001) August 26, 2024
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शुक्ला ने कहा कि पिछले दस वर्षों में यात्री किराये में भी 85 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आरक्षण के लिए रेलवे टिकट रेलवे काउंटर टिकट या ऑनलाइन ई-टिकट के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।
रेलवे टिकटों का रद्दीकरण/लिपिकीय शुल्क:
वर्ष राशि (करोड़ रुपए में)
2019-20 1724.44
2020-21 710.54
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2021-22 1569.08
2022-23 2109.74 (अनंतिम)