नई दिल्ली। दिल्ली में प्रशासनिक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना (Lieutenant Governor Vinay Kumar Saxena) का तबादला कर जम्मू-कश्मीर भेजा जा सकता है। उनकी जगह रिटायर्ड आईएएस राजेश खुल्लर (Rajesh Khullar) को दिल्ली का नया उपराज्यपाल बनाया जा सकता है। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लगभग तय माना जा रहा है। राजेश खुल्लर (Rajesh Khullar) की गिनती उन वरिष्ठ अफसरों में होती है जिन्होंने प्रशासन और नीति निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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हरियाणा प्रशासन रीढ़ रहे हैं खुल्लर
राजेश खुल्लर (Rajesh Khullar) हरियाणा की नौकरशाही में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। वे न केवल पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बल्कि मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भी भरोसेमंद अधिकारी रहे हैं। खुल्लर दोनों ही मुख्यमंत्रियों के मुख्य प्रधान सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी भूमिका इतनी अहम मानी गई कि उन्हें कैबिनेट मंत्री के बराबर का दर्जा भी दिया गया।
प्रशासनिक सुधारों के अगुवा
राजेश खुल्लर (Rajesh Khullar) को हरियाणा में सरकारी भर्तियों, ट्रांसफर और लैंड यूज़ चेंज जैसी प्रक्रियाओं को कम्प्यूटराइज्ड करने का श्रेय दिया जाता है। उनके इन प्रयासों से प्रदेश में पारदर्शिता और जवाबदेही में उल्लेखनीय सुधार आया।
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प्रारंभिक जीवन व शिक्षा
31 अगस्त 1963 को अंबाला कैंट में जन्मे राजेश खुल्लर ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और फिर पंजाब विश्वविद्यालय से फिजिक्स में एम.एससी. की, जिसमें वे गोल्ड मेडलिस्ट रहे। इसके बाद उन्होंने आईआईटी दिल्ली से एमटेक किया। एमटेक के दौरान ही उन्हें 1987 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित किया गया और महाराष्ट्र कैडर मिला। लेकिन हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान ही वे 1988 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए चयनित हुए और हरियाणा कैडर में नियुक्त हुए।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी रहा उल्लेखनीय
सितंबर 2020 में राजेश खुल्लर (Rajesh Khullar) की नियुक्ति वर्ल्ड बैंक, वॉशिंगटन डीसी में कार्यकारी निदेशक के रूप में की गई थी। उनकी यह नियुक्ति तीन वर्षों के लिए थी, जिसमें उन्होंने भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किया और विश्वस्तरीय आर्थिक नीतियों के निर्धारण में भागीदारी की।
रिटायरमेंट के बाद बनी रही अहमियत
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राजेश खुल्लर (Rajesh Khullar) 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वे 31 अगस्त 2023 को सेवानिवृत्त हुए थे। मात्र दो दिन बाद, 2 सितंबर 2023 को, तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें दोबारा मुख्य प्रधान सचिव नियुक्त किया, जिससे स्पष्ट होता है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता पर सरकार को पूरा भरोसा था।
अगर राजेश खुल्लर (Rajesh Khullar) की दिल्ली के उपराज्यपाल पद पर नियुक्ति होती है, तो यह उनकी चार दशकों से अधिक की प्रशासनिक यात्रा और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतिफल होगा। दिल्ली जैसे संवेदनशील और जटिल प्रशासनिक क्षेत्र में उनका अनुभव एक मजबूत स्तंभ के रूप में कार्य कर सकता है। अब सभी की निगाहें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है।