मथुरा (Mathura) के राधाकुंड क्षेत्र के जुल्हेंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ (Chitragupta Peeth) में रविवार को सुबह से कारसेवा को लेकर हवन पूजन हुआ। हवन पूजन के बाद साधु संतों ने बैठक की। जिसमें छह दिसंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janmabhoomi) पर कार सेवा की घोषणा की गई। इस दाैरान चित्रगुप्त पीठ (Chitragupta Peeth) के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही।
मथुरा। मथुरा (Mathura) के राधाकुंड क्षेत्र के जुल्हेंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ (Chitragupta Peeth) में रविवार को सुबह से कारसेवा को लेकर हवन पूजन हुआ। हवन पूजन के बाद साधु संतों ने बैठक की। जिसमें छह दिसंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janmabhoomi) पर कार सेवा की घोषणा की गई। इस दाैरान चित्रगुप्त पीठ (Chitragupta Peeth) के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही।
राधाकुंड स्थित चित्रगुप्त पीठ (Chitragupta Peeth) में हवन यज्ञ के बाद ‘कृष्णा लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ नारे के साथ साधु संतों ने कारसेवा का शंखनाद किया। साधु संतों ने छह दिसंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कार सेवा की घोषणा की है। स्वामी सच्चिदानंद महाराज (Swami Sachchidanand Maharaj) ने कहा कि नाै अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कार सेवा का एलान किया था लेकिन सावन मास में कावड़ यात्रा के चलते कारसेवा स्थगित करनी पड़ी। शंखनाद के दौरान बड़ी संख्या में साधु संत पहुंचे और उन्होंने अपना समर्थन दिया। गाैरलतब है कि छह दिसंबर को ही अयोध्या में कारसेवकों ने विवादित ढांचे को गिराया था।
आश्रम में पहुंच गए थे पत्थर
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण (Construction of the Shri Krishna Janmabhoomi Temple) के इरादे से मंगाए गए गुलाबी पत्थरों की पहली खेप शुक्रवार की देर रात पहुंच गई थी। ये पत्थर भरतपुर स्थित बंसीपहाड़पुर से मंगाए गए हैं। इन्हीं पत्थरों से अयोध्या में श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज (Chitragupta Peethadheeshwar Swami Sachchidanand Maharaj) ने ये पत्थर मंगवाए हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर उनकी जन्मभूमि पर बनाया जाएगा। इसके लिए गुलाबी रंग के पांच हजार मीट्रिक टन पत्थरों का ऑर्डर दिया था।