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Ram Mandir Donation Row : राम मंदिर परिसर के अंदर मीडिया कवरेज बैन, कांग्रेस बोली- प्रतिबंध लगाने से सवाल खत्म नहीं होंगे, बल्कि संदेह और गहरा होगा

By santosh singh 
Updated Date

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण (Ram Mandir Offering Theft Incident) में नए खुलासों और बढ़ते विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि परिसर के बाहर मीडिया कवरेज पर सख्ती कर दी गई है। अब मंदिर के सामने किसी भी तरह की मीडिया कवरेज के लिए एसपी सुरक्षा की पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। बिना अनुमति कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों को सुरक्षा कर्मियों द्वारा हटाया जा रहा है। इस कदम ने मामले को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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यूपी कांग्रेस पार्टी ने अपने अधिकारिक एक्स पोस्ट पर वीडियो शेयर कर लिख कि अयोध्या राम मंदिर परिसर (Ayodhya Ram Mandir Complex) में पुलिस बैरिकेडिंग के अंदर मीडिया कवरेज पर रोक लगा दी गई है। पार्टी ने सवाल दागा यह है कि आखिर किस बात का डर है? अगर सब कुछ पारदर्शी है, तो स्वतंत्र मीडिया को रिपोर्टिंग से क्यों रोका जा रहा है?

पार्टी ने लिखा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका सत्ता से सवाल पूछने की होती है, न कि केवल सरकारी प्रचार दिखाने की। यदि कुछ चुनिंदा कैमरों को ही पहुंच मिले और बाकी पत्रकारों पर पाबंदी लगे, तो यह पारदर्शिता नहीं बल्कि सूचना पर नियंत्रण की कोशिश दिखाई देती है।

कहा कि भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि सवाल पूछने वाले पत्रकार लोकतंत्र के दुश्मन नहीं, बल्कि उसकी सबसे मजबूत नींव हैं। मीडिया पर प्रतिबंध लगाने से सवाल खत्म नहीं होंगे, बल्कि संदेह और गहरा होगा।

राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसलिए वहां होने वाली हर व्यवस्था, हर निर्णय और हर गतिविधि जनता के प्रति जवाबदेह होनी चाहिए। लोकतंत्र में जवाब सवालों से दिया जाता है, पाबंदियों से नहीं।

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