अयोध्या। श्री राम नवमी (Shri Ram Navami) के पावन पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) द्वारा विशिष्ट व्यवस्था की गई है। श्री रामनवमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः काल साढ़े तीन बजे से श्रद्धालुओं को पंक्तिबद्ध होने के लिए व्यवस्था की जाएगी।
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दिनांक 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक सभी प्रकार के विशिष्ट पास/दर्शन-आरती आदि की बुकिंग को पहले ही रद्द किया जा चुका है। सभी को एक ही मार्ग से जाना होगा। दर्शन का समय बढ़ाकर 19 घंटे कर दिया गया है, जो मंगला आरती से प्रारंभ होकर रात्रि 11 बजे तक चलेगा। चार बार लगने वाले भोग के लिए केवल पांच-पांच मिनट के लिए ही पर्दा बंद होगा।
श्री राम नवमी महोत्सव के दृष्टिगत विनम्र निवेदन:
श्री राम नवमी के पावन पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा विशिष्ट व्यवस्था की गई है।
श्री रामनवमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः काल साढ़े तीन बजे से श्रद्धालुओं को… pic.twitter.com/bIEupCC8dc
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— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) April 15, 2024
विशिष्ट महानुभावों से अनुरोध है कि वे दर्शन हेतु 19 अप्रैल के बाद ही पधारें। श्री राम जन्मोत्सव का प्रसारण अयोध्या नगरी में लगभग सौ बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया जाएगा। न्यास के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी लाइव प्रसारण होगा। दर्शन के दौरान परेशानी और समय की बर्बादी से बचने के लिए दर्शनार्थियो को अपना मोबाइल, मूल्यवान वस्तुएं इत्यादि साथ नहीं लाने चाहिए।
सोमवार को अयोध्या में रामनवमी को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दर्शन के बीच रामलला का अभिषेक और श्रृंगार भी चलता रहेगा। चंपत राय ने कहा कि रामनवमी पर 15 लाख श्रद्धालुओं के देश-विदेश से अयोध्या पहुंचने का अनुमान है।
श्रद्धालुओं से अपील पर्दा बंद रहने के समय धैर्य रखें
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चंपत राय ने आगे कहा कि रामलला की शृंगार आरती सुबह 5 बजे होगी। दर्शन और सभी पूजा चलती रहेगी। भगवान को भोग लगाने के लिए समय-समय पर थोड़ी देर के लिए पर्दा किया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील है कि पर्दा बंद रहने के समय धैर्य बनाकर रखें। बता दें कि अन्य दिनों राम मंदिर में श्रद्धालु 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक दर्शन करते हैं। रामनवमी के दिन राम मंदिर 5 घंटे ज्यादा खुला रहेगा। करीब 20 घंटे प्रभु दर्शन देंगे।
ठीक 12 बजे सूर्य की किरणों गर्भगृह में करेंगे प्रवेश
खासबात यह है कि रामनवमी पर पहली बार सूरज की किरणें राम मंदिर में विराजमान भगवान श्री रामलला का अभिषेक करेंगी। 17 अप्रैल को दोपहर ठीक 12 बजे मंदिर की तीसरी मंजिल पर लगाए गए ऑप्टोमैकेनिकल सिस्टम के जरिए सूर्य की किरणों गर्भगृह तक आएंगी। यहां किरणें दर्पण से परावर्तित होकर सीधे रामलला के मस्तक पर 4 मिनट तक 75 मिमी आकार के गोल तिलक के रूप में दिखेंगी। बता दें कि सूर्य तिलक को देश के दो वैज्ञानिक संस्थानों की मेहनत से साकार किया जा रहा है।
सुग्रीव किला के नीचे, बिड़ला धर्मशाला के सामने, राम मंदिर के प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं के लिए हेल्प कैंप बनाया गए हैं। किसी भी तरह की असुविधा होने पर वहां जाकर मदद मांग सकते हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में होने वाले सभी कार्यक्रमों का लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। अयोध्या शहर में 100 जगहों पर LED स्क्रीन लगाई जाएगी। प्रसार भारती और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से रामनवमी के उत्सव का लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। राम मंदिर सहित अयोध्या के 10 हजार मंदिरों में दोपहर ठीक 12 बजे रामलला का प्राकट्य होगा।