मुंबई। कर्नाटक हाई कोर्ट ने 24 फरवरी को राज्य को निर्देश दिया कि वह बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ फिल्म कंतारा चैप्टर 1 में भगवान के चित्रण से जुड़ी उनकी कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर दर्ज FIR के संबंध में कोई भी दबाव डालने वाला कदम न उठाए। यह सुरक्षा इस शर्त पर है कि एक्टर चल रही जांच में सहयोग करेंगे। जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की सिंगल मेंबर बेंच ने रणवीर की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। यह शिकायत 28 नवंबर, 2025 को गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के समापन समारोह के दौरान की गई टिप्पणियों से संबंधित है।
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कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिनेता रणवीर सिंह की ओर से पेश सीनियर वकील सज्जन पूवैया ने कहा कि एक्टर ने उस बयान पर खेद जताया था। बचाव पक्ष के मुताबिक इवेंट में रणवीर का एक्ट फिल्म कंतारा चैप्टर 1 में एक्टर ऋषभ शेट्टी की परफॉर्मेंस की तारीफ में एक ट्रिब्यूट था। न कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए। हालांकि, बेंच ने पब्लिक फिगर्स की ज़िम्मेदारी पर कड़ी बातें कहीं। फिल्म में शेट्टी के चामुंडी देवता के रोल का ज़िक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि रणवीर को कॉन्टेक्स्ट पता हो या न हो, उन्हें इनसेंसिटिव बर्ताव नहीं करना चाहिए था। बेंच ने कहा कि आप रणवीर सिंह या कोई भी हो सकते हैं, लेकिन किसी को इतनी इनसेंसिटिविटी से पेश नहीं आना चाहिए। रणवीर सुपरस्टार हो सकते हैं, लेकिन उनसे यह उम्मीद नहीं थी, जिनके पास लोगों को प्रभावित करने की ताकत है। कोर्ट ने कहा कि कलाकारों को बोलने से पहले अपने शब्दों का मतलब समझना चाहिए।