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नेहरू-मोदी की तुलना पर शरद पवार ने उठाए सवाल, बोले-पंडित जी के त्याग, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में योगदान को भुलाया नहीं जा सकता

By santosh singh 
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नई दिल्ली। मुंबई के वाईबी चव्हाण केंद्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के स्थापना दिवस कार्यक्रम में पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जवाहरलाल नेहरू से तुलना करने पर असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू (Former Prime Minister Pandit Jawaharlal Nehru) के त्याग और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

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राकांपा के 27वें स्थापना दिवस (27th Foundation Day) समारोह में बोलते हुए, पवार ने कहा कि मोदी अब तक के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं, और उनके बारे में यह धारणा बनाई गई है कि उनके समान कोई नेता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेहरू के योगदान को स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में भुलाया नहीं जा सकता और इसे सम्मानित किया जाना चाहिए।

नेहरू की विरासत को नहीं भुलाया जा सकता

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नेहरू की तुलना किसी अन्य नेता से नहीं की जा सकती। महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता की लड़ाई के दौरान, नेहरू ने कई वर्षों तक जेल में बिताए। पवार ने मोदी के लंबे कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा, ‘यह एक सकारात्मक बात है। संसदीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का पद संवैधानिक होता है, और हमें इसका सम्मान करना चाहिए। लेकिन नेहरू की विरासत को नहीं भुलाया जा सकता।

ऑपरेशन ब्लू स्टार इंदिरा गांधी का बलिदान था : पवार

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महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता गिरीश महाजन ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी पर सिखों के खिलाफ अत्याचार का आरोप लगाया। पवार ने महाजन के इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान स्वीकार्य नहीं हैं। ऑपरेशन ब्लू स्टार इंदिरा गांधी का बलिदान था। सिखों ने देश की सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा के लिए सीमाओं पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुछ लोगों ने अलग रास्ता चुना, लेकिन कुछ घटनाएं हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता। इंदिरा गांधी ने देश की प्रतिष्ठा और सुरक्षा से कभी समझौता नहीं किया।’

विवाद होता देख पंजाब बीजेपी ने उनके बयान से कर लिया किनारा

महाजन ने ऑपरेशन ब्लू स्टार को ‘काला दिवस’ करार दिया और 1984 की सेना की कार्रवाई की तुलना अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली के हमले से की, जिससे राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया।विपक्षी दलों ने महाजन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें उनके पद से हटाने की मांग की है। भाजपा नेता ने ऑपरेशन ब्लू स्टार को सिख समुदाय के पवित्र स्थल पर ‘सैन्य हमला’ बताया और आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेना को पंजाब और उस पवित्र परिसर में भेजने का आदेश दिया था।  उनके इस बयान पर कांग्रेस और आप ने भी निशाना साधा है। महाराष्ट्र के मंत्री के बयान से विवाद होता देख पंजाब बीजेपी ने उनके बयान से किनारा कर लिया है।

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