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लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हुई गोलाबारी, एक शांतिदूत की मौत एक हालत गंभीर

By Satish Singh 
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नई दिल्ली। लेबनान में संयुक्त राष्ट्र की अंतरिम सेना (UNIFIL) ने पुष्टि की है कि देश के दक्षिणी हिस्से में उसका एक शांतिदूत मारा गया है। यह घटना तब हुई जब इज़रायल के आक्रमण के बीच इज़रायली सैनिकों और हिज़्बुल्लाह समूह के बीच लड़ाई तेज़ हो गई है। UNIFIL के एक बयान में सोमवार को कहा गया कि कल रात एक शांतिदूत की दुखद मौत हो गई, जब अदचित अल कुसैर के पास UNIFIL के एक ठिकाने पर एक बम फट गया। वहीं एक अन्य शांतिदूत गंभीर रूप से घायल हो गया।

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UNIFIL ने अपने बयान में कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि वह गोला कहां से आया था, लेकिन उन्होंने इसकी जांच शुरू कर दी है। बयान में आगे कहा गया कि शांति के उद्देश्य की सेवा करते हुए किसी की भी जान नहीं जानी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का पालन करने और हर समय संयुक्त राष्ट्र के कर्मियों और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया। UNIFIL ने बताया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से उसके ठिकानों पर एक से ज़्यादा बार हमले हुए हैं। सात मार्च को दक्षिणी लेबनान के सीमावर्ती शहर में हुए गोलीबारी में तीन सैनिक घायल हो गए थे। अमेरिका और इज़रायल का ईरान के साथ युद्ध लेबनान तक तब फैल गया, जब ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह ने इज़रायल पर रॉकेट दागे। यह घटना 28 फरवरी को युद्ध के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद हुई।

उससे पहले, नवंबर 2024 में संघर्ष-विराम लागू होने के बाद से हिज़्बुल्लाह ने इज़रायल पर कोई हमला नहीं किया था, भले ही इज़रायल लगभग हर दिन इस समझौते का उल्लंघन कर रहा था। सोमवार को, इज़रायली सेना ने बताया कि तीन अलग-अलग घटनाओं में छह सैनिक घायल हो गए और उनमें से तीन गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ समझौता करीब है, लेकिन चेतावनी दी कि अमेरिका खर्ग द्वीप पर कब्ज़ा कर सकता है।

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