Washington: हाल ही में World Bank Group ने दुनियाभर के देशों के आय वर्ग के ताजा आंकड़े निकाले हैं। इस वर्ष यानी 2026 में छह देश High-income group की श्रेणी में शामिल किए गए हैं। वहीं, पांच देश Lower-middle-income वर्ग से upper middle income वर्ग में पहुंच गए हैं। इसके अलावा एक देश Lower income वर्ग से Lower-middle-income वर्ग में शामिल हो गया है।
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हाल के सालाना वर्गीकरण में कोई भी देश कम आय वाली श्रेणी में शामिल नहीं हुआ है। यह वर्गीकरण वर्ष 2025 की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय Per capita Gross National Income के आधार पर तैयार किया गया है।
- उच्च आय $14,375 अधिक
- उच्च-मध्यम आय $4,636 से $14,375 तक
- निम्न आय $1,175 या कम
- निम्न मध्यम आय $1,176 से $4,635 तक
उच्च श्रेणी में शामिल होने वाले देश
पिछले वर्ष वियतनाम, फिलीपींस, श्रीलंका, माइक्रोनेशिया और जॉर्डन उच्च श्रेणी में शामिल होने वाले देश है। वहीं, टोगो निचले से निचले मध्यम आय वर्ग की श्रेणी में शामिल हुआ है।
हाल ही के वर्गीकरण में 218 देशों को वर्ल्ड बैंक ने शामिल किया है। ये आंकड़े वर्ष 2025 के अनुसार हैं।
- निम्न आय 25
- निम्न मध्यम आय 47
- उच्च-मध्यम आय 59
- उच्च आय 187
इस वर्ष, साल 2024 के मुकाबले उच्च आय और निम्न आय श्रेणी में शामिल देशों की संख्या में कोई परिवर्तन देखने को नहीं मिला है।
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भारत किस आय श्रेणी में शामिल रहा
दुनिया के 218 देशों को वर्ल्ड बैंक ने चार आय वर्गों में विभाजित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ष भारत का प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय 2,760 डॉलर के साथ निम्न मध्यम आय श्रेणी में शामिल रहा है। यदि हम बात करे पिछले वर्ष की तो वियतनाम का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है और इसके पीछे का मुख्य कारण निर्यात-आधारित मजबूत विकास था। पिछले दोनों वर्षों में वियतनाम के निर्यात में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई थी। जबकि इन दो वर्षों के दौरान Gross Domestic Product में क्रमशः सात प्रतिशत और आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2021 से 2025 के बीच वितयनाम की Gross National Income में औसतन 10 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ोतरी हुई है। निम्न आय वर्ग वाले देशों की संख्या वर्ष 1987 में 30% और वर्ष 2025 में 11% घटी थी।
आय के आधार पर World Bank Group वर्ष 1987 से दुनियाभर के देशों का वर्गीकरण कर रहा है। इसमें शामिल देशों की संख्या में हर साल उतार-चढ़ाव होना संभव है।