1. हिन्दी समाचार
  2. ख़बरें जरा हटके
  3. Independence Day special: 1947 से आज तक नहीं उतरा तिरंगा, इस गांव में 80 साल से लगातार लहरा रहा तिरंगा

Independence Day special: 1947 से आज तक नहीं उतरा तिरंगा, इस गांव में 80 साल से लगातार लहरा रहा तिरंगा

तेलंगाना का एक गांव ऐसा है, जहां तिरंगा सिर्फ 15 अगस्त या 26 जनवरी को नहीं, बल्कि साल के हर दिन और हर घंटे लगातार लहराता है।

By Kalpna Pandey 
Updated Date

Independence Day special: स्वतंत्रता दिवस के इस खास मौके पर आज हम आपको देशभक्ति की एक ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं, जो सिर्फ सुनने में खास नहीं, बल्कि देखने में भी बेहद गर्व महसूस कराती है। आमतौर पर हम राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराते हैं और समारोह खत्म होने के बाद उसे सम्मानपूर्वक उतार लिया जाता है।

पढ़ें :- Seating Controversy: लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह से फिर दूर रहे राहुल-खरगे, सीटिंग विवाद बनी वजह?

हम बात कर रहे हैं तेलंगाना के यादाद्री जिले के राजपेट मंडल में स्थित बेगमपेट गांव की। यहां पिछले करीब 80 वर्षों से तिरंगा लगातार हवा में शान से लहरा रहा है। इस अनोखी परंपरा की शुरुआत उस ऐतिहासिक दिन हुई थी, जब 15 अगस्त 1947 को भारत ने अंग्रेजी हुकूमत से आजादी हासिल की थी।

Also Read: हम एक ऐसा उत्तर प्रदेश बना रहे हैं, जहां समृद्ध विरासत के साथ भविष्य की तकनीक भी होगी: सीएम योगी

आजादी की पहली सुबह बेगमपेट गांव में तीन स्वतंत्रता सेनानी- बद्दाम नरसी रेड्डी, बलजे वीरैया और चीगुल्ला मल्लैया ने गांव के मुख्य चौराहे पर तिरंगा फहराया था। लेकिन उस दिन उन्होंने सिर्फ आजादी का जश्न नहीं मनाया। उन्होंने एक ऐसा संकल्प लिया, जो आने वाली पीढ़ियों की पहचान बन गया। ग्रामीणों ने तय किया कि इस जगह से राष्ट्रीय ध्वज को कभी स्थायी रूप से नीचे नहीं उतारा जाएगा।

समय गुजरता गया, पीढ़ियां बदलती गईं लेकिन बेगमपेट का यह संकल्प आज भी कायम है। यहां तिरंगे को लेकर बेहद खास व्यवस्था भी है। जब झंडा पुराना हो जाता है, तो उसे सम्मानपूर्वक उतारकर उसकी जगह नया तिरंगा फहरा दिया जाता है। यानी झंडा बदलता है लेकिन उसे हमेशा ऊंचा रखने का संकल्प कभी नहीं बदलता।

पढ़ें :- Independence Day 2026: आजादी के जश्न में डूबा बॉलीवुड, सितारों ने ऐसे दी देशवासियों को शुभकामनाएं

Also Read: हम एक ऐसा उत्तर प्रदेश बना रहे हैं, जहां समृद्ध विरासत के साथ भविष्य की तकनीक भी होगी: सीएम योगी

इतना ही नहीं, गांव में देशभक्ति की इस भावना को मजबूत करने के लिए साल 1979 में महात्मा गांधी की प्रतिमा भी स्थापित की गई थी। आज यह जगह ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है।बेगमपेट के लोगों के लिए यह तिरंगा सिर्फ कपड़े के तीन रंगों का झंडा नहीं है। यह उनके पूर्वजों की याद, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और देश की आजादी की कीमत का प्रतीक है।

सोचिए, जिस तिरंगे को आजादी के पहले दिन तीन स्वतंत्रता सेनानियों ने फहराया था, उसकी परंपरा को आज करीब आठ दशक बाद भी गांव की नई पीढ़ी उसी सम्मान के साथ आगे बढ़ा रही है। 80 सालों से लगातार लहराता बेगमपेट का तिरंगा आज भी पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा की मिसाल बना हुआ है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...