UP Budget Session 2026: यूपी विधानमंडल के बजट सत्र में शुक्रवार को सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर (SP MLA Dr. Ragini Sonkar) ने बेरोजगारी (Unemployment) का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का युवा खून के आंसू रो रहा है। न तो उसकी शादी हो पा रही है। न सो पा रहा है और न रो पा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा (BJP) के लोगों को युवाओं की पीड़ा सुनने से कष्ट होता है। उन्होंने कहा कि आज का युवा सरकार से कह रहा है कि
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‘झूठ से सच से जिससे भी यारी रखें, आप तो अपनी तकरीर जारी रखें
इन दिनों आप मालिक हैं बाजार के, जो भी चाहें कीमत हमारी रखें।’
उन्होंने कहा कि आजकल आयोग की ओर से जो रिक्तियां दी जा रही हैं। उसमें गलत जानकारी दी जाती है। एक युवा जो परीक्षा की तैयारी करता है उसे गलत जानकारी दी जाती हैं तो एक परीक्षार्थी कैसे तैयारी करेगा। सरकार जानकारी दे कि कितने पद रिक्त हैं और इन्हें कब तक भरेगी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में परीक्षा होने से लेकर नियुक्ति तक तीन-तीन साल का समय लग जाता है ऐसे में युवाओं की जिंदगी से तीन से चार साल कम हो जाते हैं।
हंगामा होने के बाद उठकर चले गए विधानसभा अध्यक्ष , सपा विधायक ने कहा- भाजपा को युवाओं की तकलीफ सुनने से परेशानी
सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर के सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपीपीएससी व एसएससी की जितनी भी नियुक्तियां होती हैं। इसका पूरा कैलेंडर जारी किया जाता है जिसे 2026 के लिए अभी जारी किया जा चुका है। 2017 के बाद से अब तक 47,000 पदों पर नियुक्ति हो चुकी हैं जिसमें आरक्षण के नियमों का पालन किया जा रहा है। इसके बाद सदन में हंगामा हो गया जिस पर विधानसभा अध्यक्ष कुछ देर के लिए उठकर चले गए।
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कानून व्यवस्था पर सपा का सदन से बहिर्गमन
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर शुक्रवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में हंगामा हुआ। विधानसभा में सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। विधान परिषद में भी सरकार की ओर से दिए गए तथ्यों से असहमत सपा के सभी सदस्यों ने बहिर्गमन किया।
विधानसभा में सपा विधायक रागिनी सोनकर ने प्रयागराज में खटिक समाज के बच्चों के डूबने, सरधना विधायक अतुल प्रधान ने उनके विधानसभा क्षेत्र में मां की हत्या और बेटी के अपहरण का मुद्दा उठाया। मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने और प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाया। सपा विधायकों की ओर से उठाए गए मुद्दे पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रयागराज में जिसे पुलिस की गोली लगी है, उसके खिलाफ 31 मुकदमे दर्ज हैं। उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है।
जिन बच्चों की मौत डूबने की वजह से हुई है, उनके परिजनों को सरकार की ओर से चार- चार लाख रुपये की मदद दी गई है। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज है। सरधना के मामले में कहा, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी को जेल भेजा जा चुका है। संसदीय कार्यमंत्री जवाब दे ही रहे थे कि सपा विधायकों ने असंतुष्टि जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और सदन से बहिर्गमन किया।