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यूपी में एक लाख के इनामी मुस्तफिजुल रहमान को STF ने एनकाउंटर में किया ढेर, कई राज्यों में दर्ज गंभीर मुकदमे

By santosh singh 
Updated Date

गोरखपुर : यूपी (UP) के गोरखपुर जिले में एसटीएफ (STF) और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ सोमवार देर रात हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू (Mustafijul Rahman, alias Babu) मारा गया। इस दौरान मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह (Head Constable Mahendra Singh)  भी गोली लगने से घायल हो गए। उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब 11 बजे रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के पास एसटीएफ और पुलिस की टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आजमगढ़ के मेहनगर खुन्दनपुर निवासी मुस्तफिजुल का पुलिस से सामना हो गया। उसने भागने की कोशिश की तो टीम ने उसका पीछा किया। इस पर उसने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह (Head Constable Mahendra Singh) घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुस्तफिजुल के भी पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।

दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात मुस्तफिजुल की मौत हो गई। मौके से पुलिस ने 32 बोर की एक पिस्टल, एक बाइक और भारी मात्रा में खोखा और कारतूस बरामद किए। मुस्तफिजुल के खिलाफ कई राज्यों में हत्या, हत्या के प्रयास सहित गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2024 में वह महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत से भी फरार होने में कामयाब हो गया था।

मुस्तफिजुल पर कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर मुकदमे

रामनगर करजहा में सोमवार रात मुठभेड़ में गिरफ्तार आजमगढ़ निवासी मुस्तफिजुल पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार मुस्तफिजुल के विरुद्ध सबसे पहला मुकदमा वर्ष 2003 में आजमगढ़ के मेहनगर थाने में चोरी के मामले में दर्ज किया गया था। इसके बाद वर्ष 2008 में हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। वर्ष 2011 में वह एक अन्य हत्या के प्रयास के मामले में नामजद हुआ, जिसके बाद से वह फरार था। वर्ष 2012 में आरोपी के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में बाद में न्यायालय के आदेश पर उसके विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 82/83 के तहत उद्घोषणा एवं संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की गई।

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वर्ष 2021 में हत्या के एक मामले में इस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। इसी वर्ष उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 174-ए तथा धारा 506 के तहत अलग-अलग मुकदमे भी दर्ज किए गए।

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