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कांग्रेस ने दागा पीएम मोदी से सवाल- Paytm ने BJP और PM Cares Fund में कितना चंदा दिया, मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आक्षेप पर ED क्यूं खामोश?

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट बैंक (Paytm Payment Bank) पर 29 फरवरी 2024 के बाद काम करने पर रोक लगा दी है। अब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinet) ने कहा कि ‘रिजर्व बैंक (RBI)  ने पेटीएम पेमेंट बैंक (Paytm Payment Bank)  को प्रतिबंधित कर दिया है और 29 फरवरी के बाद उसका कोई अस्तित्व नहीं रहेगा। रिजर्व बैंक (RBI)  ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। साल 2017 से अनियमिताएं हो रहीं थी। जब आरबीआई (RBI)  ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के आरोप लगाए हैं तो फिर ED इस पर चुप्पी क्यों साधे हुए है?

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सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinet)  ने कहा कि नोटबंदी के दो दिन बाद 10 नवंबर 2016 को देश के बड़े अख़बारों में PM मोदी की तस्वीर के साथ PayTm फुल कवर विज्ञापन देता है। इस विज्ञापन में नोटबंदी को मज़बूत निर्णय बताते हुए PM मोदी की तारीफ की गई थी। यही PayTm, PM मोदी पर बनी फिल्म की टिकट पर ₹200 तक का कैशबैक दे रहा था, जिसका प्रचार मोदी जी चुनावी रैली में भी कर रहे थे। PM मोदी के साथ सेल्फी लेने वाले शख्स का नाम विजय शेखर शर्मा है, जो PayTm के फाउंडर हैं। जिस नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया, उस नोटबंदी को Paytm ने हमेशा जश्न की तरह मनाया और अपना IPO भी 8 नवंबर 2021 को ही लॉन्च किया।

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सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinet)  ने कहा कि PayTm और उसके फाउंडर विजय शेखर शर्मा पर मनी लाउंड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। यह आरोप खुद RBI ने लगाए गए हैं, जिसके कारण उनके Paytm पेमेंट बैंक को प्रतिबंधित कर दिया गया है। PM मोदी के बेहद करीबी विजय शेखर शर्मा ने लाइसेंस मिलते ही घपले करने शुरू कर दिए, इस कारण RBI ने इन्हें बार-बार दंडित भी किया। इतना होने के बाद भी PM मोदी इनका प्रचार-प्रसार करते रहे।

RBI ने 35 करोड़ PayTm वॉलेट का निरीक्षण किया, जिसमें 31 करोड़ वॉलेट निष्क्रिय पाए गए।

एक ही पैन कार्ड हजारों खातों से जुड़ा पाया गया।

लाखों खातों का KYC नहीं हुआ।

बैंक द्वारा लगातार झूठी अनुपालन रिपोर्ट दी जा रही थी।

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Paytm पर पहले भी अपना डेटा BJP के साथ साझा करने के गंभीर आरोप लग चुके हैं।

इसके साथ ही RBI ने कई बार Paytm payment bank और PayTm के बीच ट्रांजेक्शन डेटा ट्रैफिक को लेकर चिंता जताई, लेकिन विजय शेखर शर्मा ने कोई कदम नहीं उठाया।

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सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinet)  ने कहा कि RBI ने पेमेंट्स बैंक के शेयर होल्डिंग को लेकर भी चिंता जताई थी। जिसमें करीब 49% हिस्सेदारी Paytm कंपनी की है, जिसे लोग (वन97 कम्युनिकेशंस) के तौर पर भी जानते हैं। वहीं 51% हिस्सेदारी विजय शेखर शर्मा के पास थी। इससे यह साफ होता है कि एक व्यक्ति जिस तरह का भी निर्णय चाहे, ले सकता था। RBI की कार्यवाही की एक बड़ी वजह चीनी निवेश कंपनी का ज्यादातर निवेश Paytm में होना भी था। पहले अलीबाबा और आज भी Ant ग्रुप के पास करीब 10 % साझेदारी है।

सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinet)  ने कहा कि हमारे सवाल:

क्या PM मोदी के साथ मधुर संबंधों के चलते उनके चहेते उद्योगपति क़ानून को ताक पर रखने का काम करते हैं?

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इतने सारे उल्लंघनों के बाद भी Paytm payment bank को इतनी लंबी ढील क्यों दी गई?

मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आक्षेप पर ED ने अब तक क्या कदम उठाए?

Paytm ने BJP और PM Cares Fund में कितना चंदा दिया?

क्या Paytm उस चंदे और PM मोदी से संबंधों के कारण अब तक बचता रहा?

पहले अडानी और अब Paytm, जैसे मोदी जी के चहेतों के खिलाफ एजेंसियां शिथिल क्यों पड़ जाती हैं?

क्या ED, 95% मामले राजनीतिक लोगों के खिलाफ करके संतुष्ट है?

क्या Paytm के उपभोक्ताओं का डेटा गोपनीय है या फिर BJP के साथ शेयर हो रहा है?

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