Teachers protest against online attendance: मुरादाबाद में शिक्षक संघ के बैनर तले दर्जनों अन्य संगठनों के पदाधिकारीयों के द्वारा वी एस ए से लेकर जिला कलेक्ट्रेट मुरादाबाद पर जमकर प्रदर्शन किया है। शिक्षकों का कहना है लंबे समय से शिक्षकों पर स्कूलों में पढ़ाने के अलावा 27 अन्य काम भी लिए जाते हैं।
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हर रोज मौजूदा सरकार उन पर दबाव बनाए चली आ रही है। कई बार उनके द्वारा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन आज तक पुरानी मानों को पूरा नहीं किया गया। अबकी बार एक आदेश शिक्षकों के ऊपर जबरन लादा जा रहा है।
जिसमें शिक्षकों से ऑनलाइन हाजरी लगवाई जा रही है। जिसका विरोध सभी शिक्षकों के द्वारा किया जा रहा है। लंबे समय से विरोध के बावजूद भी सरकार इस बात को मानने को तैयार नहीं है। यही कारण है शिक्षकों के द्वारा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है।
शिक्षकों का ऐलान, नहीं लगाएंगे ऑनलाइन हाजिरी जरूरत पड़ी तो करेंगे बड़ा आंदोलन #OnlineAttendance #protest pic.twitter.com/jhVYPPabuL
— princy sahu (@princysahujst7) July 16, 2024
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उनके द्वारा आज ज्ञापन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम डीएम अनुज कुमार सिंह को सौंपा है। जिसमें उनके द्वारा मांग की गई है पुरानी पेंशन को तत्काल बहाल किया जाए साथ ही जो सीसीएल हैं उनमें बढ़ोतरी की जाए व अन्य मांगों के साथ-साथ उनके द्वारा डिजिटल हाजिरी को निरस्त करने की मांग रखी है।
अध्यापकों का कहना है कोरोना महामारी में भी सबसे ज्यादा काम शिक्षकों से लिया गया। जिसके चलते कई शिक्षक मौत के आगोश में समा गई लेकिन मौजूदा सरकार शिक्षकों पर जबरन तरह-तरह के काम कराती चली आ रही है। मतगणना से लेकर जनगणना तक शिक्षकों के द्वारा की जाती है लेकिन लगातार सरकार हर रोज नए-नए दबाव बनाती चली जा रही है । जिसका विरोध आज शिक्षकों के द्वारा किया गया है। शिक्षकों का कहना है अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो अबकी बार उनके द्वारा बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा जिसका जिम्मेदार मौजूदा सरकार होगी।
शिक्षकों के द्वारा क्यों किया जा रहे हैं प्रदर्शन
शिक्षक अपने समय से घर से निकलते हैं लेकिन रास्ते में जाम की समस्या हो या फिर खराब सड़क हो या जलभराव हो तमाम समस्या से जुड़ते हुए शिक्षक अपने स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए जाते हैं लेकिन अन्य जनमानस की समस्याओं के बीच में आने से कभी भी शिक्षक लेट हो जाते हैं। अगर डिजिटल हाजरी होगी तो शिक्षकों का मानदेय कम हो जाएगा और उन्हें पनिशमेंट दिया जाएगा।
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यही कारण शिक्षकों के द्वारा ऑनलाइन हाजिरी का विरोध किया जा रहा है। शिक्षकों की मांग है ऑनलाइन हाजिरी को तत्काल निरस्त किया जाए या फिर जितने काम शिक्षकों से लिए जा रहे हैं उनको तत्काल हटा दिया जाए।
जिसके चलते शिक्षकों को अन्य काम नहीं करने पड़ेंगे लेकिन मोजूदा सरकार इस बात को तैयार नहीं है यही कारण शिक्षकों के द्वारा अपनी पुरानी मांगों को पूरी कराने व मौजूदा डिजिटल हाजिरी का विरोध किया जा रहा है अगर उनकी मांगो को पूरा नहीं किया गया तो आगे भी यह प्रदर्शन ऐसे ही चलता रहेगा।