पटना: राष्ट्रीय जनता दल RJD नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के पोस्ट पर कहा कि सब जानते हैं कि बिहार के चुनाव में NDA ने ये नारा दिया था कि ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’। भाजपा और NDA के घटक दल जानते हैं कि किस प्रकार से तंत्र-मंत्र और पूरा सिस्टम लगाकर चुनाव हुआ। उस समय में भी हमने कहा था कि भाजपा के लोगों ने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को ‘हाईजैक’ कर लिया है और उन्हें दोबारा कुर्सी पर बैठने नहीं देंगे।
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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बोले हमने कहा था कि वे 6 महीने से ज्यादा कुर्सी पर नहीं रहेंगे, भाजपा जिसके साथ भी रही है उसे बर्बाद करने का काम किया है। भाजपा OBC, दलित और आदिवासी विरोधी पार्टी है। वे (भाजपा) नहीं चाहते हैं कि बिहार में ऐसा नेता रहे जो OBC या दलित की बात करता हो, वे तो कोई ‘रबड़ स्टांप मुख्यमंत्री’ चाहते हैं। ये जो सत्ता परिवर्तन हो रहा है, ये जन भावनाओं के खिलाफ है। लोग भाजपा के चाल-चरित्र को जानते हैं। हमने नीतीश कुमार के साथ भी काम किया है लेकिन ज्यादातर हम विपक्ष में गए थे। 28 जनवरी 2024 में जब वे (JDU) हमारा साथ छोड़कर गए थे, तब भी हमने कहा था कि भाजपा जो है वो उन्हें समाप्त करेगी। हमारी पूरी सहानुभूति है उनके प्रति, उन्होंने बिहार की जो सेवा की, उसके लिए हम उन्हें धन्यवाद भी देना चाहते हैं।
राजद सांसद मनोज झा, बोले- यह जदयू के लिए बेहद भारी राजनीतिक झटका, यह बिहार की राजनीति में एक बड़े अध्याय के अंत
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि गुरुवार दोपहर के बाद यह खबर तेजी से फैलने लगी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन भर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस खबर में सच्चाई है और यह सिर्फ अफवाह नहीं है, तो यह बिहार की राजनीति में एक बड़े अध्याय के अंत जैसा होगा। मनोज झा के मुताबिक नीतीश कुमार लंबे समय से राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और अगर वे मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाते हैं तो इससे सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के समय में भाजपा की राजनीतिक रणनीति में बदलाव दिख रहा है और महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे मॉडल के बाद अन्य राज्यों में भी नए राजनीतिक प्रयोग किए जा रहे हैं। मनोज झा ने आशंका जताई कि ऐसा होने पर जदयू की राजनीति और संगठन पर बड़ा असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर यह सच होता है तो यह जदयू के लिए बेहद भारी राजनीतिक झटका होगा।