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‘देशभक्तों ने अंधभक्तों को हरा दिया’, मुंबई की ‘विजय रैली’ में ठाकरे बंधुओं का मोदी सरकार पर तीखा हमला

By santosh singh 
Updated Date

मुंबई। NEET पेपर लीक कांड (NEET Paper Leak Scandal) को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मोदी सरकार (Modi Government) को झुकना पड़ा है। इसके बाद आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) को पद से इस्तीफा देना पड़ा है। इसी पृष्ठभूमि में, एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे (MNS Chief Raj Thackeray) और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में एक ‘विजय रैली’ (Victory Rally) आयोजित की। जिसमें भारी भीड़ जुटी। लोग तिरंगा लेकर रैली में पहुंचे।

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इस दौरान MNS चीफ राज ठाकरे (MNS Chief Raj Thackeray) और उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने NEET पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले 21 स्टूडेंट्स की याद में एक मिनट का मौन रखा। उन छात्रों के नाम पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी।

रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे बंधुओं ने मोदी सरकार (Modi Government) पर तीखा हमला बोला है। शिवसेना (UBT) चीफ उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन करने के लिए स्टूडेंट्स की तारीफ करते हुए कहा कि यह आंदोलन BJP के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई की शुरुआत है और इसने साबित कर दिया है कि “वोट चुराए जा सकते हैं, लेकिन लोग नहीं।

उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि युवाओं ने अपनी एकता से भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में “एक सुनहरा अध्याय” लिखा है। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स का आंदोलन एक देशव्यापी आंदोलन बन गया है। उन्होंने कहा कि लोग हमसे पूछते हैं कि हम चुनाव के बारे में क्यों बात कर रहे हैं, जबकि वे अभी तीन साल दूर हैं। जवाब आसान है। मोदी को अब एहसास हो गया है कि वोट चुराए जा सकते हैं, लेकिन लोग नहीं। उन्होंने कहा कि आज कोई चुनाव नहीं जीता गया है। देशभक्तों ने अंधभक्तों को हरा दिया है। यह एक बड़े संघर्ष की शुरुआत है। यह बीजेपी और भारत के बीच की लड़ाई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि केंद्रीय मंत्री देश चलाने के बजाय “राजनीतिक पार्टियों को तोड़ने” में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी से कहना चाहता हूं कि अब देश पर ध्यान देने का समय है। आपके मंत्री राजनीतिक पार्टियों को तोड़ने में व्यस्त हैं। उनसे कहो कि देश के लिए काम करना शुरू करें।

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परीक्षा पेपर लीक पर तीखा हमला करते हुए उद्धव ठाकरे ने सवाल किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) को केंद्रीय कैबिनेट से क्यों नहीं हटाया गया? उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी से पूछना चाहता हूं। आपके पसंदीदा धर्मेंद्र को कैबिनेट से हटाना कितना दर्दनाक था? क्या वह दर्द उन स्टूडेंट्स के परिवारों से ज्यादा था जो तब से सह रहे थे जब उनके बच्चों ने अपनी जान दे दी थी? मैं वह दर्द नहीं भूल सकता और मैं इसे कभी नहीं भूलूंगा।

युवाओं से जोश बनाए रखने की अपील करते हुए, उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस जागरुकता को फीका मत पड़ने दो। सत्ता में बैठे लोगों का घमंड बर्दाश्त मत करो। आपने लोगों की ताकत दिखाई है। किसी को भी इस देश को फिर से कमजोर मत करने दो। उन्होंने कहा कि देश की वित्त मंत्री रुपये में गिरावट या बढ़ती महंगाई के बारे में नहीं बोलती हैं, बल्कि पेपर लीक के “फायदे” बताती हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) को देश की सीमाओं की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन वे प्रधान का बचाव कर रहे हैं।

E20 पेट्रोल को लेकर गडकरी पर साधा निशाना

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Road Transport Minister Nitin Gadkari) का मजाक उड़ाते हुए उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि “खड्डा” (गड्ढों) वाले मंत्री इथेनॉल (E20 पेट्रोल) के बारे में बात कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह निश्चित रूप से अगला मुद्दा है। वहीं, राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन की सफलता ने साबित कर दिया कि Gen Z सरकार को चुनौती दे सकती है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस (Mumbai Police) को धन्यवाद दिया और कहा कि देश ने “महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के बीच का अंतर” देखा है।

रविवार को विजय रैली (Vijay Rally) के दौरान मुंबई के शिवाजी पार्क में युवाओं की बड़ी भीड़ इकट्ठा हुई, जिसमें ज्यादातर कॉलेज के छात्र थे। वे हाथ में तिरंगा लहरा रहे थे और संविधान के पोस्टर लिए हुए थे। वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan)  के इस्तीफे का “जश्न” मना रहे थे। सुबह से हल्की बारिश होने के बावजूद, रेनकोट पहने और छाते लिए हुए युवाओं ने भारत के संविधान के निर्माता डॉ. बी आर आंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar, the architect of the Constitution of India) के पोस्टर और क्रिएटिव सोशल मीडिया मीम्स लिए हुए थे, जो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान वायरल हुए थे। प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना 36 दिन का आंदोलन वापस ले लिया।

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