CM Yogi Singapore Visit : उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की आज से चार दिवसीय विदेश यात्रा शुरू हो गयी है। राज्य में इन्वेस्टमेंट लाने और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को मज़बूत करने के मकसद से सीएम योगी की यात्रा पहला पड़ाव सिंगापुर है। इस दौरान, वह देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ-साथ राजनीतिक नेताओं और जाने-माने इन्वेस्टर्स से भी मिलकर संभावित सहयोग पर चर्चा करेंगे। इस बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी की सिंगापुर यात्रा पर तंज कसा है।
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दरअसल, पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने हाल में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पानी की टंकी फटने की घटनाओं पर तंज़ कसा है। उन्होंने एक्स पोस्ट में कासगंज में टंकी फटने की तस्वीर और सिंगापुर के मरीना बे स्थित मेरलॉयन स्टैच्यू की तस्वीर शेयर की और लिखा, “मुख्यमंत्री जी विदाई के समय जब ‘माधुर्य-प्रवास’ पर जा ही रहे हैं तो सिंगापुर में ये देखकर आएं कि जल की धारा कितनी दर्शनीय हो सकती है, उनके राज में तो पानी की धारा सिर्फ़ पानी की फटी टंकियों से निकलती है या फटे पाइप से। जब देखेंगे तो आँखें फटी की फटी रह जाएंगी। ये सारे काम अपनी गिनती की तरह उल्टा करते हैं, ये जब जाने वाले हैं तब आख़िरी ‘रुख़सती साल’ में ‘सैर-ए-तजुर्बे’ पर जा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री जी विदाई के समय जब ‘माधुर्य-प्रवास’ पर जा ही रहे हैं तो सिंगापुर में ये देखकर आएं कि जल की धारा कितनी दर्शनीय हो सकती है, उनके राज में तो पानी की धारा सिर्फ़ पानी की फटी टंकियों से निकलती है या फटे पाइप से। जब देखेंगे तो आँखें फटी की फटी रह जाएंगी। ये सारे काम अपनी… pic.twitter.com/AIdzse1X7I
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 23, 2026
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इससे पहले अखिलेश ने आगामी जापान यात्रा को लेकर भी सीएम योगी पर निशाना साधा था। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पोस्ट में लिखा था, “जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा, जिससे ये पता चल सके कि प्रधान-संसदीय क्षेत्र काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या उसकी विरासत कैसे बिगड़ी। जापान से विरासतों को बचाने और शहरों को आगे बढ़ाने का सकारात्मक सबक लेते आइएगा। वैसे अब चला-चली की बेला में अपने अंतिम वर्ष में कौन सा तो ये जापान का अध्ययन कर लेंगे और क्या ही योजना बना पाएंगे। ये मुख्यमंत्री जी का ‘मनसुख-पर्यटन’ है, अगर वो स्वीकार कर लें, तो जाते-जाते कम-से-कम एक सच बोलने के लिए उन्हें लोग याद रखेंगे। ‘वनस्पति के विशेष अध्ययन’ का व्यक्तिगत लाभ ही उठाएंगे या अपने क़रीबियों से भी साझा करेंगे।”
जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा, जिससे ये पता चल सके कि प्रधान-संसदीय क्षेत्र काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या उसकी विरासत कैसे बिगड़ी। जापान से विरासतों को बचाने और शहरों को आगे बढ़ाने का सकारात्मक सबक लेते आइएगा।
वैसे अब चला-चली की बेला में अपने अंतिम वर्ष में…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 20, 2026
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बता दें कि सीएम योगी और उनके साथ 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना हुआ। इस दौरान सीएम 23-24 फरवरी को सिंगापुर में रहेंगे, जबकि 25-26 फरवरी को जापान की यात्रा करेंगे। इस दौरे में सिंगापुर और जापान में कम्यूनिटी इवेंट का आयोजन रखा गया है, जहां सीएम योगी भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे।सीएम दोनों देशों की राजनैतिक हस्तियों और निवेशकों से भी मुलाकात करने वाले हैं।