मेरठ। सौरभ राजपूत (Saurabh Rajput) का कातिल पत्नी मुस्कान रस्तोगी (Muskan Rastogi) ने प्रेमी साहिल शुक्ला (Lover Sahil Shukla) के साथ मिलकर जिस बेरहमी से कत्ल किया। उसे देखकर पोस्टमार्टम (Post-Mortem) करने वाले डॉक्टर, चीफ फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ भी हैरत में हैं। पोस्टमार्टम (Post-Mortem) किए दो दिन बीत गए, मगर उनके जहन में अब भी सौरभ का शव घूम रहा है। चाकू के तीन वार उसके दिल पर किए गए। इससे दिल क्षतिग्रस्त था। कॉलोनी के लोग यह देखकर चौंक गए कि शव लंबाई में कम और चौड़ाई में ज्यादा दिख रहा था। दरअसल, पैर धड़ की तरफ मुड़े हुए थे। इससे धड़ चौड़ा लग रहा था। सिर अलग था।
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दिल के अंदर तक थे चाकू के वार,धड़ से अलग थी गर्दन, कलाइयों से दोनों हाथ
पोस्टमार्टम (Post-Mortem) करने वाली टीम ने बताया कि शरीर को छोटा करने के लिए पैर पीछे की तरफ मोड़े गए थे, जो इतने सख्त हो गए थे कि उन्हें सीधा नहीं किया गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि दिल पर वार बहुत जोर लगाकर किए गए हैं, क्योंकि चाकू के वार दिल के अंदर तक थे। करीब डेढ़ घंटे तक पोस्टमार्टम (Post-Mortem) चला। इसके बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
साल में 1800 पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर नहीं भूल पा रहे मंजर
पोस्टमार्टम (Post-Mortem) करने वाली चिकित्सीय टीम ने बताया कि एक साल में मेडिकल कॉलेज की मॉर्चरी में 1500 से 1800 पोस्टमार्टम होते हैं, जिनमें से 700 से 800 पोस्टमार्टम (Post-Mortem) में वे लोग शामिल रहते हैं। सौरभ के शव के बारे में उन्होंने बताया कि यह अपने तरह का अजीब शव था, जो पोस्टमार्टम (Post-Mortem) के लिए लाया गया था। शुरू में तो लगा सामान्य शव होगा, मगर ऐसा नहीं था। शव देखकर चौकना लाजिमी था, क्योंकि गर्दन धड़ से अलग कटी थी। कलाइयों से दोनों हाथ कटे थे। बाकी धड़ अलग था।
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बहुत सुंदर लड़का था क्यों मार डाला? किसी शव को देखकर आजतक इतनी संवेदना नहीं आई
डॉक्टर ने बताया कि हम लोग वर्षों से पोस्टमार्टम (Post-Mortem) करते आ रहे हैं। सामान्य तौर पर किसी शव को देखकर इतनी संवेदना नहीं आती है, लेकिन सौरभ का जिस तरह से कत्ल किया गया, उसे देखकर घर जाने के बाद भी जहन में वही शव घूमता रहा। साथ ही यह ख्याल भी आता रहा कि क्या पत्नी इतनी भी बेरहम हो सकती है। बहुत सुंदर लड़का था,क्यों मार डाला?