लखनऊ। संभल में हुए बवाल के बाद अब सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर यूपी की भाजपा सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। अब इस मामले में प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान आया है। उन्होंने कहा कि, संभल मामले में माननीय न्यायालय के आदेश पर जिला प्रशासन द्वारा शांति पूर्ण तरीके से सर्वे कराया जा रहा है, लेकिन यह सपा को हज़म नहीं हो रहा।
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उन्होंने आगे कहा, कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव में मुस्लिम मतदाताओं द्वारा भी कमल का बटन दबाकर भाजपा पर विश्वास जताने से सपा बौखला गई है। इसी कारण सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मुस्लिम तुष्टिकरण की गंदी राजनीति फिर से शुरू कर दी है।
सँभल मामले में माननीय न्यायालय के आदेश पर जिला प्रशासन द्वारा शांति पूर्ण तरीके से सर्वे कराया जा रहा है, लेकिन यह सपा को हज़म नहीं हो रहा। कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव में मुस्लिम मतदाताओं द्वारा भी कमल का बटन दबाकर भाजपा पर विश्वास जताने से सपा बौखला गई है। इसी कारण सपा मुखिया श्री…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) November 24, 2024
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अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए यूपी को दंगा प्रदेश बना दिया था और प्रदेश को दंगों की आग में झोंकने के लिए छोड़ दिया था। लेकिन अब यूपी में सुशासन है। जो भी गड़बड़ी करेगा, उसके खिलाफ क़ानून सख़्ती से कार्रवाई करेगा। भाजपा का संकल्प है—एक हैं तो सेफ हैं।
समाजवादी पार्टी आज ऐसे दोराहे पर खड़ी है, जहां आगे कुआं है और पीछे खाई। सच्चाई यह है कि सपा कभी भी सही रास्ते पर नहीं थी। गुंडों, अपराधियों, माफियाओं, दंगाइयों और भ्रष्टाचारियों की कोख से जन्मी यह पार्टी हमेशा अपराध और अराजकता को संरक्षण और बढ़ावा दिया है। आज, जब राजनीति में…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) November 24, 2024
इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने लिखा, समाजवादी पार्टी आज ऐसे दोराहे पर खड़ी है, जहां आगे कुआं है और पीछे खाई। सच्चाई यह है कि सपा कभी भी सही रास्ते पर नहीं थी। गुंडों, अपराधियों, माफियाओं, दंगाइयों और भ्रष्टाचारियों की कोख से जन्मी यह पार्टी हमेशा अपराध और अराजकता को संरक्षण और बढ़ावा दिया है। आज, जब राजनीति में साफ-सुथरी छवि और पारदर्शिता जनता की मांग है, तब भी सपा का चाल, चरित्र और चेहरा नहीं बदला है। अखिलेश यादव जी, उपचुनाव के परिणामों के बाद बहुत बौखलाने की जरूरत नहीं है। कृपया संयम रखें। 2027 में सपा के ‘समाप्तवादी पार्टी’ बनने के बाद जितना बिलबिलाना है, तब बिलबिला लीजिएगा। अभी तो यह सिर्फ झांकी है, पूरी पिक्चर बाकी है।